गुरुओं के अपमान का किया विरोध, शिअद नेता बोले बेअदबी करने वालों को पंजाब में रहने का हक नहीं

भास्कर न्यूज |लुधियाना शिरोमणि अकाली दल बादल द्वारा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा गुरु साहिबानों के कथित अपमान के विरोध में दिए गए पंजाब स्तरीय रोष धरनों के तहत अकाली जत्था लुधियाना शहरी की समूची संगठन की ओर से भारत नगर में एक विशाल रोष धरना दिया गया। इस दौरान आतिशी मर्ले का पुतला फूंका गया तथा कार्रवाई की मांग को लेकर डीसी लुधियाना को एक ज्ञापन भी सौंपा गया।इस मौके पर लुधियाना शहरी संगठन के साथ-साथ लुधियाना देहाती और आसपास के हलकों साहनेवाल, खन्ना, समराला, जगराओं, दाखा, गिल, रायकोट, पायल आदि से भी बड़ी संख्या में नेताओं और समर्थकों ने शिरकत की, जिससे यह रोष धरना एक विशाल रैली का रूप ले गया। जिला प्रधान भूपिंदर सिंह भिंदा की अगुवाई में आयोजित धरने में नेताओं ने कहा कि दिल्ली की आप नेता आतिशी द्वारा दिया गया बयान सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है, जिसे सिख कौम कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने धर्म की रक्षा के लिए दिल्ली में शहादत दी थी। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता द्वारा गुरु साहिब के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग दुर्भाग्यपूर्ण है और यह आम आदमी पार्टी की सोच को दर्शाता है। ऐसी सोच रखने वाले नेताओं को पंजाब में रहने का भी कोई हक नहीं। उन्होंने कहा कि सिख कौम, जो गुरु की फौज है, श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने वालों को जवाब देना भी जानती है और हुकूमतें बदलने में भी देर नहीं लगाती। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा गुरु की गोलक को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि गुरु की गोलक गरीब का मुंह मानी जाती है और उस पर सवाल उठाना अत्यंत निंदनीय है। इस मौके पर उपस्थित नेताओं ने पंजाबवासियों से अपील की कि यदि आज एकजुट होकर सवाल नहीं किए गए तो भविष्य में पंजाब के अस्तित्व को ही खतरा हो सकता है। इस अवसर पर भूपिंदर सिंह भिंदा, रणजीत सिंह ढिल्लों सहित अनेक वरिष्ठ अकाली नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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