भास्कर न्यूज |अमृतसर शिरोमणि अकाली दल पुनर्गठन के प्रधान ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि 328 पावन स्वरूपों के गायब होने के मामले में आरोपियों को बचाने के लिए पॉलिटिकल आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मामला किसी सरकार या संस्था को घेरने का हथियार नहीं है, बल्कि सिख समुदाय की आस्था से जुड़ा एक सेंसिटिव मुद्दा है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि एक तरफ जहां जांच को लंबा खींचकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ इस मामले का इस्तेमाल पॉलिटिकल फायदे के लिए किया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि सच सामने आना चाहिए, दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और संगत को इंसाफ मिलना चाहिए, न कि राजनीतिक बयानबाजी। न्यू अमृतसर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार पंजाब की जमीनों और संस्थाओं के साथ गद्दारी वाली नीतियां अपना रही है। सरकारी ताकत की आड़ में पंजाब की साझी विरासत, पंथक और जनहित की संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह खेल जारी रहा तो अकाली दल, फिर से जाग उठी संगत और लोगों के साथ मिलकर हर डेमोक्रेटिक और कानूनी प्लेटफॉर्म पर इसका विरोध करेगा।


