पूर्व मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा योजना का नाम बदलने से नहीं बल्कि उसमें काम मिलने पर ही लोगों का भला होगा। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी केवल नाम नहीं है बल्कि विश्व में शांति, अहिंसा का पर्याय है, भाजपा उनके नाम को ही मिटाना चाहती है। राम का नाम जोड़ने से ही नहीं बल्कि लोगों को काम मिलने से भला होगा। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के लिए नरेगा योजना लेकर आई थी। अब केंद्र सरकार इसको कमजोर कर रही है। इसके खिलाफ कांग्रेस आंदोलन करेंगी। मंडावा विधायक कांग्रेस जिलाध्यक्ष रीटा चौधरी ने कहा कि मनरेगा ने लोगों को रोजगार का अधिकार दिया। केंद्र की भाजपा सरकार इसमें बदलाव कर इसको कमजोर कर रही है। केंद्र के हिस्से को 60 प्रतिशत और राज्य का हिस्सा 40 फीसदी करना गलत है। राज्यों की वित्तीय हालत ठीक नहीं है, राज्य सरकार पहले से ही क़र्ज में डूबी हुई है। काम कहां करना यह निर्णय केंद्र के पास रहने से ये भेदभाव करेंगे जहां भाजपा की सरकार है वहां ये काम दे देंगे और जहां इनकी सरकार नहीं है वहां काम नहीं देंगे। कांग्रेस पार्टी ने हर व्यक्ति को काम का अधिकार देने के उद्देश्य से यह योजना बनाई थी। जिला प्रभारी रामसिंह रामसिंह कस्वा ने कहा कि मनरेगा कांग्रेस का जनहित में बनाया गया ऐसा क़ानून है जिससे लोगो को रोज़गार मांगने का हक मिला। मनरेगा लागू होने के बाद 5 करोड़ लोग बीपीएल श्रेणी से मध्यम वर्ग में आ पाए हैं। केंद्र का हिस्सा 90% से घटाकर 60% करके, काम देने का निर्णय केंद्र के पास रखकर, महात्मा गांधी का नाम हटाकर सरकार की मनरेगा को ख़त्म करने की यह साजिश गरीब, मजदूर,किसान विरोधी नीति का हिस्सा है। ओबीसी कांग्रेस जिला अध्यक्ष संतोष सैनी, डीसीसी के निवर्तमान उपाध्यक्ष राजकुमार ढाका, अब्दुल अजीज कच्छावा आदि मौजूद रहे। रीटा चौधरी ने कहा कि इसके खिलाफ मनरेगा बचाओ संग्राम- जनआंदोलन शुरू किया जा रहा है। 11 जनवरी को अम्बेकर पार्क में सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक उपवास रखकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे। उसके बाद 12-29 जनवरी तक विधानसभा, पंचायत, मंडल और बूथ स्तर तक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। 30 जनवरी को पंचायतराज संस्थाओं के वार्डों और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों द्वारा शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा।


