कथा . मोतेश्वर महादेव मंदिर में चल रही शिवमहापुराण कथा:पापों का नाश करने वाले हैं भगवान शिव

भास्कर न्यूज | बूंदी शहर के मोतीनगर के मोतेश्वर महादेव मंदिर में चल रही संगीतमय शिवमहापुराण कथा शनिवार को भी भव्यता के साथ जारी रहा। कथावाचक सुरेशचंद्र शास्त्री ने द्वादश ज्योतिर्लिंग महिमा के प्रसंग को समझाते हुए भक्तों को अमृत पान कराए। कथावाचन में बताया कि शिवपुराण के अनुसार द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन, पूजन और नाम स्मरण से जन्म-मृत्यु के बंधन कटते हैं, सभी पाप नष्ट होते हैं, भय दूर होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि शिव के महात्म्य से ओत-प्रोत यह पुराण शिव महापुराण के नाम से प्रसिद्ध है। भगवान शिव पापों का नाश करने वाले देव हैं और बड़े सरल स्वभाव के हैं। इनका एक नाम भोला भी है। अपने नाम के अनुसार ही बड़े भोले भाले व शीघ्र ही प्रसन्न होकर मनवांछित फल देने वाले हैं। भगवान शिव ही मनुष्य को सांसारिक बंधनों से मुक्त कर सकते हैं, शिव की भक्ति से सुख व समृद्धि प्राप्त की जा सकती है। इस अलौकिक शिवपुराण की कथा सुनना अर्थात पाप से विमुक्त होना है। कथा में दुर्गामाता की झांकी सुसज्जित कर उनकी महिमा का भी बखान किया गया। भक्तों ने भगवान शिव व दुर्गामाता के गीतों पर भाव विभोर होकर नृत्य किया और आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया। कथा के अंत में आरती कर प्रसाद बांटा गया। कार्यक्रम में व्यवस्था प्रभारी धनंजय शर्मा, आशीष सैनी, महर्षि दाधीच सतीश सोनी, अंकित माथुर, आशीष सोनी, किशन दाधीच, जोधराज सिंह, संजय शर्मा, गौरव सोनी, प्रेम सोनी, गोकुल सोनी, इंदू माया शर्मा, सुलक्षणा शर्मा, शोभा पाठक, चंद्रकला दाधीच, चंद सोनी, प्रियंका सोनी, सुनीता कटारा कोमल दाधीच, राजेश शामिल रहे। भगवान शिव को प्रसन्न करना है सरल कथावाचक शास्त्री ने कहा कि सनातन धर्म के त्रिदेवों में से एक भगवान शिव को आदिदेव भी कहा जाता है। आदिनाथ होने के कारण उनका एक नाम आदिश भी है। देवाधिदेव महादेव ही एक ऐसे भगवान हैं, जिनकी भक्ति के बिना मोक्ष संभव नहीं है। वहीं अत्यंत भोले होने व तुरंत प्रसन्न हो जाने के चलते हर कोई उनकी भक्ति करते हुए उन्हें जल्द प्रसन्न भी करना चाहते हैं, इसमें चाहे इंसान हो, राक्षस हो, भूत-प्रेत हो अथवा देवता हो। शिवपुराण कथा के अनुसार शिव ही ऐसे भगवान हैं, जो शीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्तों को मनचाहा वर दे देते हैं। वे सिर्फ अपने भक्तों का कल्याण करना चाहते हैं।

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