ग्वालियर में शनिवार सुबह कोचिंग जा रहे एक आठ वर्षीय मासूम पर स्ट्रीट डॉग ने अचानक हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे की जांघ को अपने जबड़ों में दबाकर उसे घसीटना शुरू कर दिया। घटना माधौगंज थाना क्षेत्र के लक्कड़खाना नाले के पास हुई। घटना के वक्त आसपास मौजूद लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्ते को भगाकर बच्चे की जान बचाई। गंभीर रूप से घायल बच्चे को तत्काल जेएएच अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांघ पर टांके लगाए। बच्चे के पिता दीन मोहम्मद ने बताया कि हमला करने वाला कुत्ता मानसिक रूप से अस्वस्थ है और लंबे समय से इलाके में खुलेआम घूम रहा है। उन्होंने कहा कि इसी कुत्ते और उसके झुंड ने पहले भी कई लोगों को काटा है, जिसकी शिकायत नगर निगम से कई बार की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। घटना के बाद से बच्चा गहरे सदमे और डर में है। जांघ को बुरी तरह नोचा ग्वालियर के माधौगंज स्थित लक्कड़खाना नाले निवासी दीन मोहम्मद का आठ वर्षीय बेटा अहिम, कक्षा दूसरी का छात्र है, शनिवार सुबह करीब 9 बजे कोचिंग जाने के लिए घर से निकला था। मासूम घर से कुछ ही मीटर आगे बढ़ा था कि अचानक सड़क पर घूम रहा एक आवारा कुत्ता दौड़ता हुआ आया और उस पर झपट पड़ा। मासूम कुछ समझ पाता, उससे पहले ही कुत्ते ने उसकी जांघ को अपने जबड़ों में दबा लिया और सड़क पर घसीटना शुरू कर दिया। बच्चे की आवाज सुनकर आसपास के लोग और राहगीर मौके पर दौड़े और किसी तरह कुत्ते को भगाकर अहिम को उसके चंगुल से छुड़ाया। घटना के बाद परिजनों की मदद से घायल बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांघ पर टांके लगाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आवारा कुत्ता और उसके साथी पहले भी कई बच्चों और राहगीरों पर हमला कर चुके हैं, इसके बावजूद अब तक उन्हें पकड़ने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। 10 दिन में 872 लोग शिकार ग्वालियर शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां पिछले 72 घंटे में ही करीब 200 लोग कुत्तों के काटने के बाद अस्पताल पहुंचे हैं, जिनमें सबसे ज्यादा संख्या 20 से 25 साल के युवाओं की बताई जा रही है। नगर निगम का दावा है कि वह रोजाना 40 कुत्ते पकड़ता है और 25 कुत्तों की नसबंदी कराता है, जबकि शहर में बिरला नगर पुल के नीचे सिर्फ एक ही एबीसी सेंटर संचालित है, जहां नसबंदी की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद हालात यह हैं कि गली-मोहल्लों से लेकर चौराहों तक आवारा कुत्ते हर दिन सैकड़ों लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। जयारोग्य अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2024 से दिसंबर 2024 तक 18,993 डॉग बाइट के मामले सामने आए थे, जबकि 2025 में यह संख्या 8,606 रही और 2024-25 के दौरान कुल 27,593 घटनाएं दर्ज हुईं। वहीं, सिर्फ 1 जनवरी 2026 से 10 जनवरी के बीच ही 872 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो चुके हैं, जिनमें बुजुर्ग, बच्चे और युवा सभी शामिल हैं।


