कार का कहर:ओवर स्पीडिंग में ऑडी के 6 चालान; बीमा 8 माह पहले ही खत्म, रजिस्ट्रेशन रद्द होगा… पुलिसकर्मी सहित 4 लोग हिरासत में

मानसरोवर के खरबास सर्किल पर शुक्रवार रात साढ़े नौ बजे 10 ठेलों और 18 लोगों को कुचलने वाली ऑडी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। हादसे में एक युवक की मौत हुई थी। ऑडी के सालभर में सिर्फ ओवर स्पीडिंग मामले में ही 6 चालान हो चुके हैं। इसके अलावा एक चालान राजस्थान में कार का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने को लेकर भी हुआ है। ओवर स्पीडिंग के दो चालान जयपुर में, एक-एक चालान दिल्ली, हरियाणा और यूपी में हुआ है। यह कार दमन के श्रीरामकृष्ण चेरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर रजिस्टर्ड है। इसे चूरू के दिनेश रणवां ने खरीदी है। राजस्थान में रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर मार्च में परिवहन विभाग ने 8.60 लाख रुपए टैक्स भी वसूला था। इसके अलावा इंश्योरेंस भी जून में ही खत्म हो चुका है। अब बड़े हादसे के बाद आरटीओ ने चालक का लाइसेंस और कार का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरटीओ जयपुर प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत का कहना है कि शराब पीकर तेज गति से वाहन चलाने से हादसा हुआ है। चालक दिनेश का लाइसेंस और वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द करेंगे। इधर, एसएचओ मदन कड़वासरा ने बताया कि राजेन्द्र उर्फ राजू निवासी भांकरोटा ने केस दर्ज कराया है। शिकायत के मुताबिक, शुक्रवार रात वह ठेले पर काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आई सफेद रंग की ऑडी ने हादसा कर दिया। पुलिस ने दिनेश को भगाने में मदद करने में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। डिवाइडर से टकराने पर एयरबैग खुलने से अनियंत्रित हुई थी कार स्पीड चेक करने को 120 की स्पीड से दौड़ाई थी कार हादसे में पुलिस ने कार सवार दो लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें से एक राजस्थान पुलिस का सिपाही है। हालांकि, कार चालक और उसका साथी अभी फरार है। दिनेश ने दिल्ली के एक ब्रोकर से ऑडी खरीदी थी। पुलिस ने ब्रोकर से कार बेचने के दस्तावेज ले लिए हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार रात 8 बजे दिनेश दूसरी कार फॉरच्यूनर में मुकेश के साथ था। इसके बाद सी-स्कीम, अशोक नगर से परिचित मांगीलाल को लिया और ऑडी दिखाने मानसरोवर ले आया। स्पीड चेक करने के लिए चारों कार 200 फीट चौड़ी वंदेमातरम सड़क पर लेकर आए। इसी दौरान ऑडी डिवाइडर से टकरा गई और एयर बैग खुल गया। इसी हड़बड़ाहट में दिनेश का पैर ब्रेक की जगह एक्सीलेटर पर पड़ गया। 60 लाख के चेक थे जेब में पप्पू चौधरी मानसरोवर इलाके में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। हादसे के वक्त पप्पू की जेब में 60 लाख रुपए के चेक रखे थे। यह चेक किसी को देने जा रहा था। इसी दौरान मांगीलाल का कॉल आया तो वह कार सवारों के साथ चला गया। थोड़ी देर बाद हादसा हो गया। रमेश के परिजनों ने शव लेने से इनकार किया इधर, हादसे में मारे गए भीलवाड़ा निवासी रमेश बैरवा के परिजनों ने 50 लाख मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, शव नहीं उठाएंगे। बीमा नहीं होने से मुआवजे पर संकट

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