कड़ाके की सर्दी में गरीबों और असहायों के लिए सहारा बनने वाले रैन बसेरे उपयोगिता खो रहे हैं। शहर के रैन बसेरों में अव्यवस्थाओं और अनैतिक गतिविधियों की शिकायत पर विधायक भीमराज भाटी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह ने शनिवार रात अचानक निरीक्षण किया। इसमें चौंकाने वाले मामले सामने आए। महालक्ष्मी मंदिर के सामने नगर निगम के रैन बसेरे में विधायक भाटी और उनकी टीम पहुंची, तो वहां का दृश्य हैरान करने वाला था। परिसर में कुछ युवक अलाव जलाकर शराब पार्टी कर रहे थे। विधायक भाटी ने बताया जब हम वहां पहुंचे तो शराब की बोतलें खुली थीं। मैंने व्यंग्य किया कि हमारे लिए भी एक पैक बना दो, तो उन्हें लगा शायद विभाग का ही कोई स्टाफ है। उन्होंने आनन-फानन में गिलास और बोतलें छिपाने की कोशिश की। जब हमने फटकारा, तब वे अपनी पहचान बताने लगे। रैन बसेरा कर्मचारी ने मामले में अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि वह केवल अंदर का इंचार्ज है, बाहर क्या हो रहा है उससे उसे मतलब नहीं।
निरीक्षण व्यवस्था ठप विधायक भाटी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय रैन बसेरों का नियमित प्रशासनिक और विभागीय निरीक्षण होता था, जिससे व्यवस्थाएं दुरुस्त थीं। अब अनदेखी के कारण रैन बसेरे असामाजिक तत्वों के अड्डे बन गए हैं। रुकने पर वसूली व असुविधाओं के अंबार की शिकायत की निरीक्षण के दौरान रामलीला मैदान स्थित रैन बसेरे में भी अनियमितताएं मिलीं। वहां ठहरे लोगों ने विधायक से शिकायत की कि कर्मचारी उन्हें चैन से सोने नहीं देते और रात बिताने के बदले पैसों की मांग करते हैं। इतना ही नहीं, पास ही बने सुलभ कॉम्प्लेक्स में फ्री सुविधा होने के बावजूद वहां आने-जाने वालों से अवैध वसूली की जा रही है। इस पर विधायक ने आश्वासन दिया कि इस मामले में वे नगर निगम अधिकारियों से बात कर समाधान करवाएंगे।


