मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में शहर कांग्रेस कमेटी ने गांधी भवन पर धरना देकर उपवास रखा और विरोध जताया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा से गांव, किसान का विकास हो रहा है। मनरेगा रोजगार की गारंटी है और उसे कमजोर करने और महात्मा गांधी के नाम को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है, इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल, पूर्व विधायक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती, महेन्द्रसिंह रलावता, नगर निगम प्रतिपक्ष नेता द्रोपदी कोली, पूर्व आरटीडीसी चेयरमेन धर्मेंद्रसिंह राठौड़ आदि मौजूद रहे। इस दौरान सम्बोधित करते हुए कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि इस योजना की पूरे विश्व में प्रशंसा हुई और कोरोना काल में सहारा बनी। मनरेगा का केवल नाम नहीं बदला, बल्कि मनरेगा की आत्मा को मारने का काम किया है। कांग्रेस की ओर से नियमित रूप से आन्दोलन किया जा रहा है और ये आगे भी जारी रहेगा। जनता के बीच जाएंगे और जनजागरण करेंगे।


