जबलपुर में 7 किमी लंबा ओवरब्रिज बना हुआ है। ये एमपी का सबसे लंबा ओवरब्रिज है। कटनी-सिहोरा-पनागर-अधारताल की तरफ जाने वाले यात्रियों को गोहलपुर में ओवरब्रिज खत्म होते ही ढाई से 3 घंटे तक के जाम का सामना करना पड़ता था। इसके पीछे की वजह थी ब्रिज से 100 मीटर की दूरी पर बनी गोहलपुर नाले की पुलिया। लंबे समय के बाद अब इसी पुलिया को लेकर नया अपडेट सामने आया है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और नागरिकों को रोजाना के जाम से निजात दिलाने के लिए महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने बीते शनिवार को शाम को गोहलपुर पुलिया का औचक निरीक्षण किया और क्षेत्रीय जनता की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए पुलिया के चौड़ीकरण के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। 3.50 करोड़ की लागत से बनेगा 80 फीट चौड़ा पुल महापौर ने घोषणा निरीक्षण के दौरान कहा कि गोहलपुर पुलिया के निर्माण और विस्तार के लिए 3 करोड़ 50 लाख रुपए का टेंडर जारी कर दिया गया है। वर्तमान में यह पुलिया मात्र 30 फीट चौड़ी है, जिसके कारण यहां अक्सर वाहनों का दबाव बना रहता है और दुर्घटनाओं का अंदेशा रहता है। साथ ही आम नागरिकों को घंटों के जाम का सामना करना पड़ता है। नए प्रोजेक्ट के तहत इसे बढ़ाकर 80 फीट किया जाएगा। मार्च में काम शुरू करने का दावा नगर निगम प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट के लिए एक सख्त टाइमलाइन तैयार की है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक काम शुरू हो जाएगा। वहीं, जुलाई 2026 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। महापौर ने कहा कि मानसून के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या और संकरे रास्ते से होने वाली असुविधा को स्थायी रूप से समाप्त करना। नागरिकों की सुविधा हमारी प्राथमिकता है। गोहलपुर पुलिया का यह विस्तार न केवल यातायात को रफ्तार देगा, बल्कि क्षेत्र के विकास में भी मील का पत्थर साबित होगा। हम जुलाई तक इसे जनता को समर्पित करने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं। क्षेत्रीय विधायक ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा कांग्रेस पार्टी से क्षेत्रीय विधायक लखन घनघोरिया ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए एमपी के सबसे बड़े ओवरब्रिज को लेकर सवाल खड़ा किया था। गोहलपुर नाले पर बनी पुलिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि इन्होंने पैजामा तो बना दिया लेकिन नाड़ा डालना भूल गए।


