आगर मालवा शहर के नेशनल हाईवे पर स्थित वासुपूज्य तारक धाम जैन मंदिर में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो आपस में साडू भाई हैं। उनके कब्जे से चोरी की गई रकम भी बरामद की गई है। यह चोरी की वारदात 27 दिसंबर की रात को हुई थी। आरोपियों ने वारदात से दो दिन पहले, यानी 25 दिसंबर को आगर आकर पहले सुसनेर स्थित जैन मंदिर में चोरी की योजना बनाई थी और वहां रेकी भी की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने आगर के जैन मंदिर को निशाना बनाया। उठा नहीं पाए दान पेटी आरोपियों ने मंदिर की दीवार फांदकर चोरी को अंजाम दिया। उसी रात मास्टर कॉलोनी के दिगंबर जैन मंदिर में भी चोरी का प्रयास किया गया था, लेकिन दान पेटी भारी होने के कारण वे उसे उठा नहीं पाए। पुलिस ने बदमाशों के पास से 5600 रुपए बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुल्तान पिता रशीद शेख (23) और सूरज पिता नवल सिंह ठाकुर बंजारा (23) के रूप में हुई है। दोनों खरगोन के चितावद निवासी हैं। इस वारदात का खुलासा करने के लिए पुलिस ने आगर से खंडवा और खरगोन तक करीब 200 सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इसके अलावा, आईजीएस पोर्टल और साइबर टीम की मदद से आरोपियों के मोबाइल नंबरों को भी ट्रेस किया गया, जिसके बाद पुलिस को इस मामले में सफलता मिली। महाराष्ट्र पुलिस भी तलाश में थी पुलिस के अनुसार, ये दोनों शातिर बदमाश सिर्फ मंदिरों को ही निशाना बनाते थे। इससे पहले भी उन्होंने रतलाम के तीन मंदिरों में चोरी की थी, जिसके लिए उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। महाराष्ट्र के मुर्तिजापुर और अकोला में भी उन्होंने चार मंदिरों में वारदातें की थीं। मुर्तिजापुर की वारदात में उन्हें गिरफ्तार किया गया था, जबकि अकोला की वारदात में पुलिस को उनकी तलाश थी।


