जमशेदपुर में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के बस स्टैंड गोलचक्कर के पास शनिवार को हुए हादसे में पहले पति की मौत हुई थी, जबकि अब इलाज के दौरान पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान मानगो डिमना रोड स्थित विश्वकर्मा कॉलोनी निवासी लाला विश्वकर्मा और उनकी पत्नी नीलम शर्मा के रूप में हुई है। पति-पत्नी दोनों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस घटना से न सिर्फ परिजन बल्कि पूरा इलाका गमगीन माहौल में डूबा हुआ है। मोहल्ले के लोग स्तब्ध हैं। हर किसी की आंखें नम हैं। एलआईसी एजेंट थे मृतक, दो छोटे बच्चे हुए अनाथ लाला विश्वकर्मा पेशे से एलआईसी एजेंट थे। वह अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। सड़क हादसे में उनकी असमय मौत के बाद पत्नी नीलम शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद रविवार को उन्होंने भी दम तोड़ दिया। दंपती के दो छोटे बच्चे हैं। जिनके सिर से अब माता-पिता दोनों का साया उठ गया है। परिजनों का कहना है कि बच्चों का भविष्य अब क्या होगा, इसकी चिंता सता रही है। रिश्तेदार और समाज के लोग परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं। घर में मातम पसरा हुआ है। मुआवजे की मांग पर थाना पहुंचे लोग पत्नी की मौत की सूचना मिलते ही आक्रोशित परिजन और समाज के लोग बड़ी संख्या में सीतारामडेरा थाना पहुंच गए। उन्होंने उचित मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही और इलाके में यातायात अव्यवस्था का नतीजा है। लोगों का कहना है कि बस स्टैंड गोलचक्कर के पास हमेशा जाम और अव्यवस्थित ट्रैफिक की स्थिति बनी रहती है, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।


