भारतीय किसान संघ मालवा प्रांत ने धार कृषि उपज मंडी में जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में मालवा प्रांत के पदाधिकारी, जिला इकाई के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की जमीनी समस्याओं पर विचार-विमर्श कर उनके व्यावहारिक समाधान खोजना था। भारतीय किसान संघ के जिला संयोजक हुकमचंद पाटीदार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि किसान वर्तमान में कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते जंगली पशुओं के आतंक का जिक्र किया, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। पाटीदार ने बताया कि कई किसान रातभर खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं, फिर भी फसलों को पूरी तरह सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं। पाटीदार ने जैविक खेती के प्रति किसानों की बढ़ती रुचि पर भी बात की, लेकिन साथ ही व्यावहारिक स्तर पर आ रही समस्याओं को उजागर किया। उन्होंने बताया कि जैविक उत्पादों के लिए बाजार की कमी, उचित मूल्य का अभाव, प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन की कमी के कारण किसान असमंजस में हैं। उनका कहना था कि सरकार को जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को ठोस सहयोग और स्पष्ट नीति प्रदान करनी चाहिए। किसानों ने बैठक में सिंचाई की समस्या, कृषि लागत में वृद्धि, फसल का उचित मूल्य, बीज-खाद की उपलब्धता और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए। किसानों ने जोर देकर कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों को संकलित कर शासन-प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। संगठन किसानों के हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष और संवाद जारी रखेगा। इस बैठक के जरिए किसानों को अपने अधिकारों और हितों के लिए संगठित होकर एकजुट रहने का संदेश भी दिया गया।


