मध्यप्रदेश शासन के मंत्री दिलीप जायसवाल ने उमरिया में मनरेगा के नाम परिवर्तन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि अब यह योजना ‘विकसित भारत की जी-राम-जी’ के नाम से जानी जाएगी। मंत्री ने इस बदलाव का विरोध करने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए मंत्री जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस को ‘विकसित भारत’ और ‘राम जी’ दोनों शब्दों से आपत्ति है, जिसके कारण वह इस योजना का विरोध कर रही है। उन्होंने कांग्रेस को ‘भ्रष्टाचार की जननी’ बताते हुए आरोप लगाया कि उनका एकमात्र कार्य विरोध करना रह गया है। मिलेगा 125 दिन का रोजगार मंत्री जायसवाल ने ‘विकसित भारत की जी-राम-जी’ योजना के तहत मिलने वाले लाभों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब लाभार्थियों को 100 दिनों के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा। इसके अतिरिक्त, फसलों की कटाई के समय भी रोजगार के अलग से अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के अंतर्गत आजीविका मिशन, बाढ़ उन्मूलन, जल संवर्धन सहित विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि ‘जी-राम-जी’ योजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। मंत्री ने दावा किया कि इससे योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएँ समाप्त होंगी, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी। मंत्री दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस के विरोध को निराधार बताया और कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास है, जबकि कांग्रेस केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल, उपाध्यक्ष अमित सिंह और महामंत्री राधे कोल सहित कई कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय में मंत्री का स्वागत किया।


