दौसा उपचुनाव में मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा की हार पर बीजेपी के पूर्व MLA शंकर लाल शर्मा ने कहा- मैं गर्व से कहता हूं, युवाओं ने अपनी ताकत से दौसा के अंदर एकता का परिचय दिया है। जो नहीं कहना चाहिए था, वो मैं यहां कह रहा हूं। उन्होंने कहा कि 70 साल की उम्र हो गई है। नेता रहा हूं। शुरू से ही युद्ध लड़ा हूं। अब तो क्या होगा? आखिर में लकड़ियां तो जाएंगी ही। युद्ध से लड़कर जाऊंगा तो शहीद कहलाऊंगा। हो सकता है आप लोग मूर्तियां लगाओ कि शंकर जी अपने लिए लड़ा था। पूर्व विधायक ने यह बात दौसा के रामगढ़ पचवारा स्थित श्री भगवान परशुराम मंदिर में आयोजित ब्राह्मण महासंगम में कही। शंकर लाल शर्मा 2018 और 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार थे, लेकिन दोनों ही बार वह हार गए। ऐसे में 2024 के उपचुनाव में बीजेपी ने उनका टिकट काटकर जगमोहन मीणा को उम्मीदवार बनाया। हालांकि उपचुनाव में जगमोहन मीणा की हार हुई थी। भाई की हार पर किरोड़ी लाल मीणा ने कहा था कि हमें घेरकर मारा गया है। कुछ जयचंदों के कारण भाई का कर्ज नहीं चुका पाया। जब सभी जातियां अपना-अपना देख रही है तो क्या हम एकता नहीं दिखाएंगे?
शंकर लाल शर्मा ने कहा- मैं समय ले रहा हूं, लेकिन अपने अनुभव बांट रहा हूं। एक बच्ची ने यहां बहुत अच्छी बात कही कि हम जन्मपत्री वाले हैं। हम भविष्य भी दिखाते हैं और हम गरुड़ पुराण भी पढ़ते हैं। हम सभी को साथ लेकर चलते हैं, क्योंकि हम ब्राह्मण हैं। लेकिन ये समय कब तक रहेगा? जब सब जातियां अपना-अपना देख रही हैं, तब क्या हम आने वाले पीढ़ी के लिए एकता नहीं दिखाएंगे। हमने ठेका लिया है सबको साथ लेकर चलने का। पहले विधानसभा में 60 ब्राह्मण हुआ करते थे, अब क्यों कम हो गए? उस समय हम एकता के साथ काम करते थे। मैं दौसा के भाईयों को एक बार फिर धन्यवाद देना चाहूंगा, जिन्होंने अपनी एकता का परिचय देकर सम्मान अर्जित किया। मैंने बस्सी से चुनाव लड़ा, तब एक समाज ने जमकर उपद्रव किया शंकर लाल शर्मा ने कहा- मैंने बस्सी से चुनाव लड़ा, तब एक समाज ने बहुत ज्यादा उपद्रव किया। तब मेरे बस्सी के भाईयों ने बहुत बड़ी ताकत दिखाकर अंजू धानका को विधायक बना दिया। जब हम चुनाव लड़ते है तो उनके लिए कांग्रेस-बीजेपी कुछ नहीं रहता, वे केवल मेरा भाई, मेरी जाति और मेरा समाज करते है। ब्राह्मणों के बिखराव के कारण बाद में हम उन्हीं के साथ लग जाते है जो हमें दुत्कारते हैं। ब्राह्मण की दृष्टि शुभ, कुदृष्टि अशुभ-विधायक विधायक रामबिलास मीणा ने कहा-शंकर लाल जी अभी कई बातें बता रहे थे, सही बात भी है। ब्राह्मण की दृष्टि पड़ना शुभ भी है और कुदृष्टि पड़ना अशुभ भी है। मेरे ऊपर 2018 में दृष्टि कम थी तो पार नहीं लगी और 2023 में ऐसी दृष्टि पड़ी, ऐसा आशीर्वाद मिला, जो पिछली भी कसर निकाल दी। शंकर लाल जी अभी कह रहे थे कि पहले 60 विधायक ब्राह्मण होते थे, लेकिन मैं कह रहा हूं कि आज तो पूरी विधानसभा ही है। आज कमी नहीं है, पूरे 200 है। विधायक रामबिलास मीणा ने कहा- एक पगफेरा भी होता है। भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद इतनी बारिश हुई है कि लालसोट में 30 साल पहले जितना पानी का लेवल था, अभी उतने पर आ गया है। जिन नदियों को पहले कभी बहता हुआ नहीं देखा था, वे अब बहती हुई दिखाई दे रही है। गाय को राष्ट्र माता बनाने की मांग भी उठी कार्यक्रम के दौरान संत प्रकाश दास ने कहा-वे इस महासंगम में मित्रों और गौ माता के लिए आए हैं। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल ‘गौ दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। संत प्रकाश दास ने गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने देशभर में हो रही गौ हत्या को बंद करवाने की भी अपील की। ये खबर भी पढ़ें… भाई की हार पर मंत्री किरोड़ी बोले-हमें घेरकर मारा गया:अभिमन्यु की तरह रास्ता याद नहीं रहा इसलिए फंस गए कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने विधानसभा उप चुनाव में अपने भाई जगमोहन मीणा की हार पर कहा- हार-जीत एक जोड़ा है, सुख-दुख की तरह। चुनाव हार भी जाते हैं, जीत भी जाते हैं। (पूरी खबर पढ़ें…) भाई की हार पर किरोड़ी का दर्द,लिखा-मुझे अपनों ने मारा:कुछ जयचंदों के कारण भाई का कर्ज नहीं चुका पाया; भितरघातियों ने बाण चलाया दौसा सीट से भाई जगमोहन मीणा की हार के बाद मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा का दर्द फूट पड़ा है। किरोड़ीलाल मीणा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लगातार छह पोस्ट करके अपनी ही पार्टी के लोगों पर हरवाने का इशारा करते हुए भीतरघात के आरोप लगाए हैं। (पूरी खबर पढ़ें…)


