जशपुर पुलिस ने गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। चौकी मनोरा क्षेत्र से 6 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित मुक्त कराया गया। हालांकि, आरोपी मौके का फायदा उठाकर जंगल में फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। दरअसल, 10 जनवरी 2026 की सुबह करीब 5:25 बजे चौकी मनोरा पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग चढ़िया पहाड़ी जंगल के रास्ते हाथीगाढ़ा नाला क्षेत्र से गौवंशों को मारते-पीटते हुए झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। पुलिस को देख जंगल में भागे तस्कर सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हाथीगाढ़ा नाला के पास पुलिस ने दो संदिग्धों को गौवंशों को हांकते हुए देखा। घेराबंदी के दौरान पुलिस को देखकर आरोपी गौवंशों को छोड़कर जंगल का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। 6 गोवंश सुरक्षित बरामद, स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया पुलिस ने मौके से सभी 6 गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया। पशु चिकित्सक से उनका तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। कानूनी कार्रवाई, आरोपियों की तलाश तेज फरार तस्करों के खिलाफ चौकी मनोरा में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पहले भी हो चुकी है बड़ी बरामदगी बता दें कि कि तीन दिन पहले भी जशपुर पुलिस ने सिटी कोतवाली जशपुर और लोदाम क्षेत्र से 20 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया था। एसएसपी का बयान एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा, “गौ तस्करों के खिलाफ जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’ लगातार जारी है। मनोरा क्षेत्र से 6 गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया गया है। फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।”


