जशपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला मुख्यालय में ‘मनरेगा बचाव महासंग्राम’ के तहत एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम सिटी कोतवाली परिसर के समीप आयोजित किया गया, जिसमें जिलेभर से कांग्रेस के अलग-अलग प्रकोष्ठों, मोर्चा संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष यूडी मिंज ने किया। उपवास और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ कर रही है, जिससे इसकी प्रभावशीलता कम हो रही है। सरकार पर भ्रामक दावे करने का आरोप जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष यूडी मिंज ने कहा कि 2014 से पहले कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गरीब, मजदूर और ग्रामीण वर्ग को रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से मनरेगा योजना लागू की थी। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया गया था। उन्होंने बताया कि यह विश्व की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना थी, जिसकी विश्व बैंक सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी सराहना की थी। यूडी मिंज ने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार इस योजना को समाप्त करने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत यह है कि आज कई क्षेत्रों में मजदूरों को 50 दिन का भी काम नहीं मिल पा रहा है, जबकि सरकार नए प्रारूप में 125 दिन रोजगार देने का दावा कर रही है, जो पूरी तरह भ्रामक है। मजदूरी 400 रुपए प्रतिदिन करने की मांग कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि योजना का नाम पुनः महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) रखा जाए, योजना की मूल आत्मा के अनुरूप 100 दिनों के रोजगार की गारंटी बहाल की जाए और मजदूरों को प्रतिदिन 400 रुपए की दर से मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा को कमजोर करने की नीतियां वापस नहीं ली गईं, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


