देसूरी नाल (राजसमंद) में स्कूल बस हादसे में तीन छात्राओं की मौत के सात दिन बाद रविवार सुबह डिप्टी सीएम दीया कुमारी मौके पर पहुंची। इस दौरान सड़क पर पेचवर्क देख भड़क गईं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लीपापोती कर दी, इससे अच्छा तो पेंट ही कर दो। जब डिप्टी सीएम ने पेचवर्क के बारे में पूछा, तो अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा- जहां भी मैं जाती हूं या कोई मंत्री जाते हैं, तो पेचवर्क कर दीया जाता है। ऐसा क्यों? हमें काम देखने दो। जब काम करो, तो ऐसा करो कि वह पूरी तरह से सही हो। इस तरह के पेचवर्क का कोई मतलब नहीं है, यह सिर्फ पैसा वेस्ट करने जैसा है। अगली बार ऐसा न करें। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश दीया कुमारी ने कहा- यह नेशनल हाईवे की सड़क है, जिसे राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (RSRDC) जल्द हैंड ओवर करेगी। इस प्रोसेस में थोड़ा टाइम लग सकता है। सड़क की सुरक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए अधिकारियों को एक महीने का समय दिया गया है। इसका लगातार फॉलोअप किया जाएगा। मेरे लिए यह रूट प्राथमिकता है, इसे चाहे स्टेट बनाए या सेंटर बनाए। उन्होंने कहा- वॉल बनाने और बैरिकेड्स लगाने का काम तो तुरंत ही हो जाएगा। इसके साथ ओवरलोडिंग पर प्रशासन को ध्यान होगा। मौके पर स्थानीय अधिकारियों के साथ जयपुर से भी अधिकारियों को बुलाया गया है। राज्यमंत्री ओटाराम के घर पहुंचकर जताया शोक इसके बाद, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी मुंडारा (बाली) में ओटाराम देवासी (पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्यमंत्री ) की मां दोली बाई के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए उनके घर भी पहुंचीं, जहां उन्होंने देवासी परिवार और परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री के साथ कुम्भलगढ़ विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़, बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत, सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग डीआर मेघवाल, चीफ इंजीनियर- हाईवे सतीश अग्रवाल, एमडी आरएसआरडीसी सुनील जयसिंह, कलेक्टर पाली लक्ष्मीनारायण मंत्री, एसपी चुनाराम जाट, एडीएम शैलेन्द्र सिंह चारण, देसूरी एसडीएम विवेक व्यास, तहसीलदार हरेंद्र सिंह, बाली एडिशनल एसपी चेनसिंह महेशा आदि उपस्थित रहे। नाराज डिप्टी सीएम ने दो अधिकारियों को किया था APO इससे पहले भी डिप्टी सीएम दीया कुमारी शनिवार को नाथद्वारा पहुंचीं थी। उन्होंने गुंजोल से कुचोली मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें मौके पर सड़क निर्माण को लेकर खामियां मिली। जिसके बाद दीया कुमारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाई। साथ ही पीडब्ल्यूडी के 2 अधिकारियों को एपीओ कर दीया और 1 अधिकारी को नोटिस भी जारी किया। 8 दिसम्बर को हुआ था हादसा बता दें, देसूरी नाल में अब तक 1 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यहां के आठ किलोमीटर वाले घाट सेक्शन में हादसों का खतरा अधिक रहता है। 8 दिसम्बर को में पिकनिक पर जा रही स्कूली बच्चों की बस पलटने से तीन छात्राओं की मौत हो गई थी, जबकि 17 बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए थे। ये भी पढ़ेंः-
1 हजार जान लेने वाली खूनी सड़क ‘देसूरी की नाल’:पिकनिक पर जा रहे बच्चों की भी यहीं मौत; 14 खतरनाक मोड़-एरिया के नाम भी डराने वाले राजसमंद जिले में 8 दिसंबर को बड़ा हादसा हुआ। पिकनिक मनाने जा रहे स्कूली बच्चों से खचाखच भरी बस पलट गई। इस हादसे में 3 बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। अरावली की पहाड़ियों से गुजरने वाली ‘देसूरी की नाल’ में जहां ये हादसा हुआ, वो राजस्थान की सबसे खूनी सड़क मानी जाती है।(पूरी खबर पढ़िए)


