सीकर के भाजपा नेता और गेटवेल हॉस्पिटल के डॉ बीएल रणवा पर पिछले दिनों पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने एक कार्यक्रम के दौरान टिप्पणी की थी। अब डॉक्टर ने इस मामले पर डोटासरा पर बयान दिया है। आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके डॉ. बीएल रणवा ने कहा कि मैं क्या पहनूं,क्या यह डोटासरा तय करेंगे। दरअसल पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने पिछले दिनों एक कार्यक्रम में बयान दिया था- “मेरे सीकर में एक डॉक्टर है। उसका हॉस्पिटल कम चलता है। केवल सरकारी योजनाओं से ही हॉस्पिटल चल रहा है। उन्हें लग रहा है कि अस्पताल बंद हो जाएगा इसलिए उन्होंने भगवा जैकेट सिलाई। जब ऑफिस में भी डॉक्टर जाता है तो वही जैकेट पहनकर जाता है। एक दिन मैंने भी डॉक्टर से पूछ लिया कि डॉक्टर साहब.. चक्कर क्या है? आप तो पैसे वाले हो। 5 से 7 जैकेट करवा लो। तब डॉक्टर ने जवाब दिया कि जब मैं सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के पास जाता हूं तो यह लाइसेंस है कि मैं बीजेपी का आदमी हूं।” डोटासरा के इसी बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता डॉ बीएल रणवा ने कहा कि पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा मेरे जैसे किसान के बेटे पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करना मेरे मूल अधिकारों का हनन है। क्या वह तय करेंगे कि मैं किस रंग की जैकेट पहनूं। मैं कितना अमीर हूं या गरीब। उन्हें भगवा रंग (केसरिया) का अपमान करने का हक किसने दिया। भगवा और केसरिया रंग मूल रूप से एक ही है। भगवा एक व्यापक शब्द है जो साधुओं के वस्त्रों और ध्वज से जुड़ा है। यह रंग आध्यात्मिकता और वीरता का प्रतीक है। डोटासरा ने भगवा रंग पर टिप्पणी करके जो मजाक किया है वह केवल मेरा नहीं बल्कि सभी साधु-संतों,देवी देवताओं और राष्ट्रीय ध्वज को अपमानित करने का काम है। मैं किसी अस्पताल का ट्रस्टी हूं और अगर वह अस्पताल सरकारी योजनाओं में सेवा दे रहा है तो इसका दर्द डोटासरा को क्यों हो रहा। क्या वह यही चाहते हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन को नहीं मिले।


