बांसवाड़ा पुलिस ने लापता महिला को ढूंढा:आधे घंटे में घर पहुंचाया; खोए मोबाइल लौटाए तो खिले चेहरे

बांसवाड़ा की सज्जनगढ़ थाना पुलिस ने मानवीय संवेदनाओं और तकनीकी सक्रियता का परिचय देते हुए तीन बड़ी कामयाबियां हासिल की है। पुलिस ने न केवल दो मानसिक विक्षिप्त महिलाओं को उनके परिवारों से मिलाया, बल्कि तीन युवकों के गुम हुए मोबाइल भी बरामद कर उन्हें सौंपे। माण्डली बड़ी निवासी भूपेश गरासिया ने 4 जनवरी को रिपोर्ट दी थी कि उसकी बुआ भूरी देवी, जो मानसिक रूप से कमजोर हैं, 18 दिसंबर से लापता हैं। थानाधिकारी धनपत सिंह ने हेड कॉन्स्टेबल हंसमुखलाल और कॉन्स्टेबल महेशचंद्र की टीम बनाई। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद महज 6 दिनों में महिला को दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया। खुशी के आंसू ​रविवार को पुलिस ने महिला को थाने लाकर कानूनी कार्रवाई पूरी की और उसे उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया। 24 दिन बाद अपनी बुआ को सही-सलामत पाकर परिजनों ने पुलिस टीम का आभार जताया। ​केस 2: सोशल मीडिया की मदद से आधे घंटे में मिलाई बिछड़ी महिला ​बस स्टैंड सज्जनगढ़ पर एक अन्य मानसिक विक्षिप्त महिला संदिग्ध अवस्था में मिली। जगदीश प्रसाद, कॉन्स्टेबल बलवंत सिंह और राजेन्द्र सिंह ने तत्परता दिखाते हुए महिला का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किया। इसका असर यह हुआ कि महज आधे घंटे में महिला की पहचान लसोडिया निवासी सविता पुत्री नाबू पटेल के रूप में हो गई। पुलिस ने तुरंत संपर्क कर उसे सुरक्षित घर भिजवाया। ​केस 3: गुम हुए 3 मोबाइल ढूंढकर मालिकों के चेहरे पर लौटाई मुस्कान ​थानों में मोबाइल गुमशुदगी की शिकायतों पर कॉन्स्टेबल दुष्यंत पाटीदार ने विशेष प्रयास किए। उन्होंने तकनीकी मदद और अथक मेहनत से तीन गुमशुदा मोबाइल बरामद किए। रविवार को पुलिस ने दिनेश पटेल (अकोठिया नाथा), अनिल कलाल (सज्जनगढ़) और आशीष डोडियार (अगोरिया) को उनके फोन सौंपे। अपने खोए हुए मोबाइल पाकर तीनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस बारे में थानाधिकारी धनपत सिंह ने बताया की ​”आमजन की सहायता और गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए हमारी टीम लगातार सक्रिय है। टीम ने सोशल मीडिया और ग्राउंड नेटवर्किंग का बेहतर समन्वय कर इन मामलों को सुलझाया है। ​इनकी रही मुख्य भूमिका:

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