इंदौर में दूषित पानी से हुईं मौतों के बाद अब पूरे प्रदेश में सावधानी बरती जा रही है। इसी के तहत सिंगरौली नगर निगम ने कमर कस ली है और शहर की सभी 26 जल टंकियों का बारीकी से निरीक्षण किया गया है। निगम का मकसद यह तय करना है कि शहर के किसी भी इलाके में गंदा पानी न पहुंचे और लोग बीमारियों से सुरक्षित रहें। निरीक्षण के दौरान हर टंकी से पानी के नमूने (सैंपल) लिए गए हैं। जांच में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए नमूनों को निगम की लैब के साथ-साथ बाहरी प्राइवेट लैब में भी भेजा गया है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि अगले 7 दिनों के अंदर सभी टंकियों की अच्छी तरह सफाई की जाए और उसकी पूरी रिपोर्ट दफ्तर में जमा कराई जाए। दिन में तीन बार होगी पानी की जांच: कमिश्नर नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने बताया कि लोगों को साफ और सुरक्षित पानी देना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने जानकारी दी कि अब शहर में सप्लाई होने वाले पानी की दिन में तीन बार जांच की जा रही है। इससे अगर पानी में कोई कमी या खतरा दिखता है, तो उसे तुरंत ठीक किया जा सकेगा। इस कदम से शहर की पेयजल व्यवस्था पहले से ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी।


