उज्जैन में तेज ठंड का दौर शुरू होने के बाद भगवान महाकाल के दर्शन के बाद शिप्रा नदी पर स्नान को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए घाट पर गर्म पानी भी उपलब्ध कराया जा रहा है। 25 सालों से घाट पर पूजन कराने वाले पंडे-पुरोहितों के माध्यम से यह निशुल्क गर्म जल उपलब्ध कराने सेवा की जा रही है। श्री महाकाल महालोक बनने के बाद बाबा महाकाल के दर्शन के लिए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु देश भर से पहुंच रहे हैं। उज्जैन आने के बाद श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के बाद सीधे मोक्षदायिनी शिप्रा नदी में स्नान के लिए पहुंचते हैं। एक सप्ताह से ठंड बढ़ने के कारण घाट पर पहुंचने के बाद नदी के ठंडे पानी से स्नान करने में श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। ऐसे में घाट पर बैठने वाले पंडे-पुरोहितों के माध्यम से घाट पर ही पानी गर्म कर श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे श्रद्धालु गर्म पानी लेकर नदी के घाट पर शिप्रा का ठंड पानी मिलाकर स्नान कर रहे हैं। पं. लोटा गुरु ने बताया कि 25 सालों से पं. सूर्यनारायण जोशी की स्मृति में निशुल्क गर्म पानी की व्यवस्था की जा रही है। श्रद्धालु जब भगवान महाकाल की भस्म आरती से यहां आकर शिप्रा में स्नान करते हैं। अधिक ठंड होने के कारण पानी ठंडा रहता है। जिसके वृद्धजन, बच्चे व सभी श्रद्धालु को असुविधा होती है। इस लिए यहां पर निशुल्क गर्मपानी की व्यवस्था की जाती है। ग्वालियर से आए श्रद्धालु शिवम देशमुख ने बताया कि, वे परिवार के साथ सुबह 7 बजे शिप्रा तट पहुंचे थे, ठंड ज्यादा होने के साथ ही नदी का ठंडा पानी देखकर चिंता हो रही थी, लेकिन यहां पर गर्म पानी की निशुल्क सेवा का लाभ लिया। ये भी खबर पढ़ें…. उज्जैन में पड़ रही कड़ाके की ठंड उज्जैन जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रविवार को भी सुबह से सर्द हवा के कारण तापमान में गिरावट आई है। पिछले दो दिन में रात का तापमान 9.5 से गिरकर 6.8 डिग्री पर पहुंच गया है। रविवार को सुबह वेधशाला में रात का तापमान 6.8 डिग्री दर्ज किया गया। ठंडी हवा चलने से जिले में ठंडक बनी हुई है। पढ़िए पूरी खबर।


