तरनतारन रोड स्थित भाई कन्हैया वृद्ध आश्रम में रविवार को लोहड़ी का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर आध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सेवा और समर्पण की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। संत आरती देवा महाराज पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित सत्संग के दौरान संत आरती देवा महाराज ने संगत को निहाल किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनकी सेवा करना ही सच्ची भक्ति है। उन्होंने मानवता और आपसी भाईचारे का संदेश देते हुए सभी को प्रेरित किया। आश्रम की सेवा भावना कार्यक्रम की शुरुआत में आश्रम के मुख्य सेवाधारी बाबा बलविंदर सिंह चाहल ने उपस्थित साध-संगत और अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने आश्रम की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था निरंतर बुजुर्गों की देखभाल और उनकी खुशहाली के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। खुशियों की लोहड़ी और प्रसाद वितरण लोहड़ी की परंपरा के अनुसार अग्नि प्रज्वलन किया गया, जिसमें सभी ने समाज की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर आश्रम में रह रहे बुजुर्गों को विशेष रूप से मूंगफली, रेवड़ी और उपहार वितरित किए गए। उपहार पाकर बुजुर्गों के चेहरों पर जो मुस्कान और संतोष दिखा, उसने कार्यक्रम की सार्थकता को सिद्ध कर दिया। भजन-कीर्तन और गुरुवाणी के मधुर पाठ से पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय हो गया ।


