मुंबई से आए दोस्त की हत्या, लाश के टुकड़े किए:ड्रम-बाल्टी में भरे, पत्नी संग ठिकाने लगाए; लुधियाना में दोस्ती से मर्डर तक की कहानी

पंजाब के लुधियाना में 8 साल पुराने दोस्त शमशेर उर्फ शेरा ने मुंबई से आए दोस्त वरिंदरपाल की हत्या कर दी। फिर लकड़ी काटने वाली आरी से उसके शरीर के 6 टुकड़े किए। सिर-धड़ से अलग कर दिया। इसके बाद लाश के टुकड़े सफेद ड्रम और बाल्टी में डालकर खाली प्लाट में फेंक दिए। सबूत मिटाने के लिए तेल, पॉलीथिन, कूड़ा-करकट डालकर जलाने की कोशिश की। हालांकि जब युवक घर नहीं पहुंचा तो परिवार पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कर तलाश कर ही रही थी कि लाश मिल गई। पुलिस ने तुरंत आसपास के CCTV खंगाले तो बाइक पर सफेद ड्रम में लाश के टुकड़े लेकर जाता दोस्त और उसकी पत्नी कुलदीप कौर नजर आ गए। इसके बाद वह फरार हो पाते, पुलिस ने उन्हें आधे रास्ते से ही दबोच लिया। इसके बाद पूरे हत्याकांड से पर्दा उठ गया। सालों पुरानी दोस्ती अचानक कत्ल तक कैसे पहुंची, कत्ल के बाद सबूत मिटाने के लिए क्या-क्या किया, हत्या के मुख्य आरोपी के बेटों और पत्नी ने मर्डर में क्या रोल निभाया? जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए, दोनों की दोस्ती की कहानी कत्ल कर लाश के टुकड़े ड्रम में पैक कर फेंकने की पूरी कहानी पुलिस कत्ल के आरोपियों तक कैसे पहुंची परिवार को पुलिस के दावों पर एतराज
वरिंदरपाल का परिवार पुलिस की मर्डर की थ्योरी से संतुष्ट नहीं है। उसके चचेरे भाई जसविंदर सिंह ने कहा कि शेरा 10 गुणा 10 के कमरे में रहता है। 2 से ढाई घंटे उसे शव काटने में लगे। पुलिस गलत कह रही है कि पत्नी काम पर गई थी। पत्नी भी उस वक्त घर में थी और उसके बच्चे भी। इतनी सर्दी में कौन से बच्चे पूरा दिन छत पर रहते हैं। लाश ठिकाने ले जाते वक्त भी शेरा के दोनों बेटे उसके साथ थे। हमारे पास इसके सबूत हैं। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को भी बता दिया है। जसविंदर सिंह ने कहा कि अगर पुलिस ने बच्चों को भी हत्या में शामिल नहीं किया तो परिजन चक्का जाम करेंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को भी बता दिया है कि बच्चे भी हत्या में पूरी तरह से शामिल थे। पुलिस इस तरह की थ्योरी बनाकर केस को कमजोर कर रही है।

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