छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों में सभी प्रकार की चिकित्सा जांच- जैसे ब्लड टेस्ट, सीटी-स्कैन, एमआरआई आदि की कीमतें एक समान करने की तैयारी कर रही है ताकि मरीजों को कहीं भी सस्ता और पारदर्शी इलाज मिल सके। अभी फिलहाल राज्य में सरकारी अस्पतालों में कुछ जांच मुफ्त या बहुत कम दर पर होती है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में भीड़ और जरूरी मशीनें बंद होने से मरीजों को निजी अस्पतालों या लैब में जाना पड़ता है। इससे मरीजों को अस्पतालों के भारी बिल का बोझ झेलना पड़ता है। इसे देखते हुए राज्य में न केवल सस्ते इलाज की मांग शुरू हो गई है, बल्कि सरकार पर सिस्टम सुधार का दबाव भी बढ़ा है ताकि मरीज को जांच रिपोर्ट जल्दी और सही दर में मिल सके। निजी अस्पतालों में पांच से दस गुना महंगी जांच :
भास्कर ने अपनी पड़ताल में पाया है कि फिलहाल सरकारी अस्पतालों में कई जांच या तो मुफ्त होती हैं या बेहद कम दर पर होती है। लेकिन कई बड़ी जांच में मरीजों की भारी भीड़ और जरूरी मशीनों के बंद रहने तथा जांच रिपोर्ट में देरी होने के कारण मजबूरन निजी अस्पतालों या लैब की ओर जाना पड़ता है, जहां, वही जांच 5 से 10 गुना महंगी हो जाती है। योजना को शुरू होने के बाद किसी भी अस्पताल में इलाज करवा सकेंगे मरीज इस योजना को शुरू होने के बाद प्रदेश के किसी भी अस्पताल में मरीज अपनी जांच आसानी से करवा सकेगा। सभी प्रकार की प्रमुख जांच के लिए एक मानकीकृत दर तय की जाएगी, जिससे मरीज को सरकारी अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी वह अपने आसपास के किसी भी निजी अस्पताल या लैब में जाकर जांच करवा सकेगा। इससे प्रदेश के गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों पर इलाज के नाम पर होने वाला आर्थिक बोझ को कम होगा। दरें कितनी होंगी इसकी चल रही है एक्ससाइज
बताया गया है कि सभी प्रकार की जांच की दरें कितनी होंगी इसे लेकर बड़े स्तर पर मंथन चल रहा है। दरें ऐसी तय की जाएगी जिससे निजी अस्पताल और लैब संचालक इसका विरोध न करें और आसानी से सरकार की इस पहल का साथ दें। इसके लिए राज्य सरकार जल्द ही निजी अस्पताल संचालकों और लैब संचालकों के साथ बैठक करने जा रही है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देंगे
राज्य सरकार प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। सरकारी सिस्टम को दुरुस्त करने के साथ ही निजी अस्पतालों में होने वाली जांच की दरें भी तय करने जा रहे हैं।
-श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री


