नशे में धुत होकर मरीज और परिजन को पीटने के आरोप में निलंबित ASI राजेश मीणा के मामले में सियासी बवाल मचा हुआ है। अपने निलंबन को लेकर ASI ने वीडियो जारी कर भाजपा विधायक पर अवैध बजरी खनन के गंभीर आरोप लगाए थे। दूसरी तरफ विपक्ष भी प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर हमलावर है। भास्कर ने मामले में मौके पर जाकर पड़ताल की। आखिर 5 जनवरी की सुबह अवैध बजरी खनन को लेकर क्या विवाद हुआ था? उसी रात अस्पताल के बाहर मारपीट मामले का पूरा सच क्या था? पढ़िए- मंडे स्पेशल स्टोरी में… पीड़ित ने सुनाई आपबीती- ASI राजेश मीणा ने की थी मारपीट केकड़ी थाने में एएसआई राजेश मीणा तब चर्चा में आया जब 5 जनवरी की रात अस्पताल के बाहर पिस्तौल लेकर मारपीट का मामला सामने आया। इस मारपीट को लेकर राजेश मीणा के खिलाफ केकड़ी के सदर थाने में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद ASI को निलंबित कर दिया गया था। ASI के खिलाफ मामला दर्ज करवाने वाले ओमप्रकाश ने बताया कि 5 जनवरी की रात 12.30 बजे वो केकड़ी अस्पताल में अपने भाई मनीष गुर्जर के साथ दिखाने आया था। चेकअप के बाद बाहर आकर होटल पर चाय पीने बैठे थे। उसी समय एक सफेद कार में 3 लोग आए। एक पुलिस वर्दी में था और दो सिविल ड्रेस में थे। वर्दी में ASI राजेश मीणा था। आते ही मीणा ने हमें पकड़ा और हॉकी व लकड़ी से मारपीट की। हम भागने लगे तो तीनों ने हमारी कार में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद वहां सिटी थाने से पुलिस जाप्ता आ गया। पुलिस हमें पकड़कर थाने ले गई। थोड़ी देर बाद राजेश मीणा व उनके वही दोनों साथी लड़के भी वहां थाने आ गए। उन्होंने थाने के अंदर ही मेरे व मेरे भाई मनीष के साथ बहुत बुरे तरीके से मारपीट की। राजेश मीणा के पास पिस्टल थी जिससे उसने हम दोनों भाइयों को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद दूसरे पुलिस अधिकारी वहां पहुंचे तो हमें छोड़ा गया था। ओमप्रकाश गुर्जर ने अपने साथ हुई इस घटना से जुड़े दो सीसीटीवी वीडियो भी हमसे साझा किए। इनमें से एक वीडियो में ASI राजेश मीणा ओमप्रकाश की कार में तोड़फोड़ और कुछ लोगों के साथ मारपीट करता दिख रहा है। वहीं दूसरे वीडियो में वो अपने कथित साथियों के साथ हॉस्पिटल में भागता हुआ दिख रहा था। साथ ही ओमप्रकाश ने दावा किया कि इस घटना से पहले वो राजेश मीणा से पहले कभी नहीं मिला था और न ही उसे जानता था। एडिशनल एसपी बोले- सरकारी पिस्टल लेकर लोगों से मारपीट, इसलिए किया सस्पेंड केकड़ी के एडिशनल एसपी राजेश मील ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि सदर थाने में पोस्टेड ASI राजेश मीणा 5 जनवरी की रात में प्राइवेट वाहन से सरकारी पिस्टल लेकर बाहर गए। सरकारी हॉस्पिटल के पास कुछ लोगों से मारपीट की। इसके बाद वापस थाने में भी कुछ नागरिकों से मारपीट की। मामले में FIR दर्ज हुई थी। उस पर कार्रवाई की जा रही है। इसी को देखते हुए फिलहाल ASI मीणा को सस्पेंड कर दिया गया है। अभी वो फरार है। टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। निलंबित ASI बोला- अवैध खनन पर कार्रवाई रोकने का था दबाव भास्कर ने इस मामले में निलंबित ASI का भी पक्ष जाना और आरोपों पर सवाल जवाब किए सवाल : अवैध खनन को लेकर क्या कार्रवाई थी, जिसको लेकर आपने गंभीर आरोप लगाए हैं? जवाब : 5 जनवरी को मैं केकड़ी सदर थाने में ड्यूटी ऑफिसर तैनात था। उस दिन जाप्ता लेकर एक मुजरिम को एस्कॉर्ट कर सरवाड़ थाने के एएसआई के सुपुर्द करने गया था। लौटते समय हमारे थानाधिकारी जगदीश चौधरी ने कॉल कर देवपुरा गांव में विवाद की सूचना दी थी। मैं सीधा देवपुरा पहुंचा। परिवादी से मिला और उसके बताए अनुसार विवाद वाली लोकेशन पर गया। मौके पर दो जेसीबी अवैध खनन करती मिली और 4 ट्रैक्टर भी खड़े थे, जिनमें से दो भरे हुए थे और 2 ट्रैक्टर खाली था। परिवादी पक्ष की पाइपलाइन ट्रेक्टर से टूट गई थी। इसी को लेकर ये विवाद हुआ था। मैंने जाब्ता मंगवाकर कार्रवाई शुरू कर दी थी। निलंबित ASI राजेश मीणा ने आरोप लगाया कि- घटना के करीब 3.30 घंटे बाद सीआई जगदीश चौधरी मौके पर पहुंचे और परिवादी की पत्नी को कहा- हम इन ट्रैक्टरों और जेसीबी को नहीं पकड़ेंगे। आपको शिकायत करनी है तो माइनिंग डिपार्टमेंट में करो। ASI राजेश मीणा ने आरोप लगाते हुए कहा- सीआई ने मुझे काफी प्रेशर बनाया और मेरी शिकायत विधायक शत्रुघ्न गौतम से कर दी। इसके बाद विधायक गौतम का मेरे पास फोन आया और उन्होंने मुझे सभी वाहनों को छोड़ने और कार्रवाई नहीं करने को लेकर धमकाया। मैंने मना कर दिया और प्राइवेट ड्राइवरों को बुलाकर सभी वाहनों को जब्त करते हुए थाने पहुंचाया था। सवाल : अस्पताल के बाहर विवाद और मारपीट का क्या मामला था? जवाब : उसी रात करीब 10 बजे मैं अपनी प्राइवेट कार से जा रहा था। हॉस्पिटल के पास एक शख्स ने रुकवाया और मुझसे मदद मांगी। उससे बात करने के बाद मैं अलाव के लिए बाहर बैठ गया। तभी वहां दो लड़कों ने सिगरेट के कश मुझ पर छोड़ दिया और हमला कर दिया। इसके बाद जवाब में मैंने भी अपनी कार से हॉकी निकालकर जवाबी हमला किया था। सवाल : आपने थाने में भी पीड़ितों से मारपीट की? जवाब : मैं रात को थाने जाकर सो गया था। अगली सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकला था, तब सीओ हर्षित शर्मा कॉल कर मुझे मेडिकल के लिए थाने बुलाया। थाने पहुंचने पर सभी पुलिस अधिकारियों ने मुझे धमकाया। इसके बाद मैं घबराकर जैसे-तैसे वहां से बाहर निकल गया और अपने गांव की तरफ चला गया। पुलिस अधिकारी बोले- माइनिंग विभाग ने बताया सही जगह हो रहा था खनन पुलिस अधिकारियों ने बताया कि माइनिंग टीम ने अपने वेरिफिकेशन में पाया कि पुलिस द्वारा पकड़े गए सभी वाहन चार ट्रेक्टर और दो जेसीबी मशीन वैध खनन में लीजधारक के यहां पर काम कर रहे थे। इस संबंध में पुलिस को पत्र लिखकर इन सभी वाहनों को छोड़ने का लिखित अनुरोध भी किया था। इसके बाद वाहनों को रिलीज कर दिया गया था। थानाधिकारी बोले- ASI ने जो हरकतें की वो पुलिस में नहीं होती सीआई जगदीश चौधरी ने बताया कि बजरी खनन पर कार्रवाई के दौरान मैंने जो भी किया वो कानून सम्मत था। हमने माइनिंग विभाग को जानकारी दी। मुझ पर किसी भी तरह का प्रेशर नहीं था। न ही मैंने किसी पर कोई प्रेशर बनाया। अगर ऐसा कुछ था तो वो (राजेश मीणा) पहले शाम को ही ये सब बता सकता था। अब जो सस्पेंशन का मामला हैं वो अलग है। रात में उसने जो हरकतें की, वो पुलिस में नहीं होती हैं। ऐसे में उसे उन्हीं हरकतों के लिए सस्पेंड किया गया है। मैंने जो भी कार्रवाई की है, वो कानून के तहत थी। ASI पहले भी हो चुका लाइन हाजिर निलंबित ASI राजेश मीणा इससे पहले जनवरी 2025 में भी एक मामले में लाइन हाजिर हो चुका है। अजमेर जिले के सावर थाने में पोस्टिंग के दौरान अवैध ट्रेक्टरों को हनुमान नगर थाने से छुड़वाने को लेकर जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा को भी कॉल कर धमकाया था। इस संबंध में विधायक की शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन जहाजपुर सीओ नरेंद्र पारीक ने भीलवाड़ा एसपी को अजमेर जिले के सावर में तैनात हेड कॉन्स्टेबल राजेश मीणा के खिलाफ रिपोर्ट बना कर भेजी थी। इसके बाद भीलवाड़ा एसपी ने वो रिपोर्ट अजमेर एसपी को भेजी और अजमेर SP ने कार्रवाई करते हुए तब मीणा को लाइन हाजिर कर दिया था। हनुमान नगर थाने के एसएचओ गणेश मीणा ने बताया कि हालांकि पूरा मामला तो अब मुझे याद नहीं हैं, लेकिन ये सही है कि जनवरी 2025 में तब हेड कॉन्स्टेबल राजेश मीणा ने विधायक गोपीचंद मीणा से बदतमीजी की थी। इसके बाद मैंने भीलवाड़ा एसपी को उसकी रिपोर्ट में पत्र भेजा था। विपक्ष ने भी लगाए थे गंभीर आरोप इस मामले को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने X पर पोस्ट करते बीजेपी विधायक पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने पोस्ट में लिखा था- ‘पुलिस थाना केकड़ी सदर (अजमेर) में तैनात ये ASI राजेश मीणा जी हैं, जिन्हें अवैध खनन रोकने पर बुरी तरह पीटा गया, इनाम के तौर पर विभाग से सस्पेंशन मिला…क्योंकि इन्होंने भाजपा नेताओं के संरक्षण में चल रहे अवैध खनन पर हाथ डालने की हिम्मत की है। ये सिर्फ एक पुलिसकर्मी पर हमला नहीं, कानून के राज पर सीधा हमला है। भाजपा नेता एवं सीनियर पुलिस अफसरों की मिलीभगत से अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है, और कर्त्तव्य का पालन करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रताड़ित और अपमानित किया जा रहा है। पुलिस की वर्दी रौंदी जा रही है और सरकार मौन दर्शक बनी बैठी है। क्या भाजपा सरकार अवैध खनन के आगे पूरी तरह समर्पण कर चुकी है?’ विधायक बोले- जांच में साफ हो जाएगा दूध का दूध और पानी का पानी इस मामले में हमने विधायक शत्रुघ्न गौतम से संपर्क करने का प्रयास किया, वो हमसे मिले। उन्होंने ऑन कैमरा तो कोई बात नहीं की। लेकिन ये बताया कि उस दिन मेरे पास सूचना आई थी कि लीजधारक के यहां वैध कार्य कर रहे कुछ स्थानीय ग्रामीणों को हेड कॉन्स्टेबल (ASI प्रमोटेड) मीणा परेशान कर रहा है। इस पर मैंने पहले सीआई को कॉल किया और उसके बाद उसे भी कॉल कर निर्देश दिया था कि अगर कोई अवैध कार्य हैं तो आप कार्रवाई करो। लेकिन वैध कार्य हैं तो ग्रामीणों पर पुलिसिया रौब मत दिखाना। वो बार-बार अवैध बजरी होने का दावा कर रहा था। मुझे राजस्थान की कानून व्यवस्था में पूरा भरोसा हैं, जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। यह खबर भी पढ़ेंः केकड़ी सदर थाने का हेड कॉन्स्टेबल सस्पेंड:मारपीट कर पिस्टल से फैलाई दहशत, कार में तोड़फोड़ की; सिटी थाने में मामला दर्ज


