बस्तर में हरे-पीले-लाल रंग के शिमला मिर्च की खेती:पॉलीहाउस के अंदर मिट्‌टी नहीं कोकोपीट में उगा रहे, महानगरों में सप्लाई कर रहे किसान सुमीत

बस्तर जिले में आधुनिक खेती की दिशा में किसान लगातार आगे बढ़ रहे हैं। जगदलपुर से करीब 25 किमी दूर ग्राम कोलचूर के किसान सुमीत चावड़ा बस्तर के ऐसे पहले किसान हैं, जिन्होंने तीन रंगों हरा, पीला और लाल रंग के कैप्सिकम यानी शिमला मिर्च की खेती शुरू की है। इससे पहले ग्राफ्टिंग तकनीक से सब्जी उत्पादन कर वे किसानों के लिए उदाहरण बन चुके हैं और अब पॉलीहाउस में विभिन्न रंगों के कैप्सीकम की खेती कर नया कीर्तिमान रच रहे हैं। सुमीत चावड़ा बताते हैं कि बस्तर में सब्जी उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। जरूरत है तो सिर्फ नए प्रयोग और आधुनिक तकनीक अपनाने की। इसी सोच के तहत उन्होंने पॉलीहाउस में कलर कैप्सिकम की खेती शुरू की है। इस समय उनकी फसल तैयार हो चुकी है। शुरुआती चरण में उत्पाद को जगदलपुर बाजार में भेजा जा रहा है, जबकि आने वाले दिनों में इसे मुंबई, हैदराबाद और रायपुर जैसे बड़े शहरों में सप्लाई किया जाएगा। किसान सुमीत का कहना है कि कलर कैप्सिकम की मांग बड़े शहरों, होटल इंडस्ट्री और मॉल्स में लगातार बढ़ रही है। इसके अच्छे दाम मिलने के कारण कम रकबे में भी बेहतर मुनाफा संभव है। वे अब अन्य किसानों को भी इस तरह की खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं ताकि बस्तर के किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यावसायिक खेती की ओर कदम बढ़ा सकें। कलर कैप्सिकम की खेती में सुमीत चावड़ा ने मिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया है। उन्होंने कोकोपीट के माध्यम में पॉलीहाउस के अंदर फसल उगाई है। 50 डिसमिल क्षेत्र में की गई इस खेती में करीब 10 लाख रुपए का खर्च आया है। सिंचाई के लिए ड्रिप सिस्टम लगाया गया है। उनका कहना है कि अगर कोई किसान एक एकड़ में यह खेती करे, तो 12–15 लाख रुपए तक खर्च आ सकता है, लेकिन बाजार भाव अधिक होने से लागत आसानी से निकल जाती है। कलर कैप्सिकम की फसल 60 से 65 दिन में तैयार हो जाती है और एक बार पौधा तैयार होने के बाद करीब 9 महीने तक उत्पादन देती है। पॉलीहाउस में होने के कारण इसमें रोग कम लगते हैं और रखरखाव भी आसान होता है। यही वजह है कि यह फसल किसानों के लिए कम जोखिम और ज्यादा मुनाफे का विकल्प बन रही है। ——————— (इन प्रगतिशील किसान से और जानें – 9425597284)

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *