भास्कर न्यूज | गिरिडीह सदर प्रखंड के सेनादोनी पंचायत अंतर्गत तिगोजोरी और कुसमाटांड गांवों में ग्रामीणों ने मिलकर 50 एकड़ में फैले जंगल को संरक्षित िकया। ग्रामीणों ने जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए वर्ष 2001 में ग्राम वन सुरक्षा समिति का गठन किया। साथ ही उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-पाठ कर यह संकल्प लिया कि जंगल और वन भूमि को अवैध कटाई, अतिक्रमण और दोहन से बचाएंगे। इसके बाद से ग्रामीण स्वयं निगरानी कर जंगल की रक्षा कर रहे हैं। इस समिति में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही है। ग्राम वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष काली सोरेन, सचिव वनपाल अमर विश्वकर्मा तथा कार्यकारिणी सदस्य सोमर मांझी, हीरामुनि टुड़डू, ढलिया देवी सहित कई ग्रामीण इस अभियान से जुड़े हैं। सभी मिलकर जंगल की सुरक्षा, पौधों की देखरेख और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का कार्य कर रहे हैं। ग्रीन क्रेडिट योजना के तहत िकया पौधरोपण वनरक्षी संजय कांत यादव ने बताया कि पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर तथा रेंज ऑफिसर एसके रवि के नेतृत्व में वर्ष 2025 में ग्रीन क्रेडिट योजना के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया। इसके तहत तिगोजोरी वन भूमि के खाली पड़े 7 हेक्टेयर और कुसमाटांड़ के 25 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 6-6 फीट ऊंचे फलदार, छायादार, औषधीय और काष्ठ प्रजातियों के कुल 25 प्रकार के पौधे लगाए गए हैं। ग्रामीण और वन विभाग के सहयोग से यह प्रयास सामुदायिक वन संरक्षण को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस संयुक्त प्रयास से सतत हरित भविष्य सुनिश्चित हो रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और स्थायी विकास की दिशा में मिसाल पेश करता है।


