चोरी का मामला:मजदूर बनकर दिन में मंदिरों व घरों की रैकी कर सुरक्षा व्यवस्था देखते थे, रात को करते थे चोरी

शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मंदिरों में सेंध लगाने वाले दो शातिर चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरोह इतना शातिर है कि नाकाबंदी से बचने के लिए मजदूर का हुलिया बनाकर घूमता था। पुलिस ने बेरीवाला कुड़ला के महादेव मंदिर में दिनदहाड़े हुई चोरी और शहर के जूना किराड़ू मार्ग स्थित माजीसा मंदिर में हुई चोरी का भी खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में से एक बाड़मेर ग्रामीण थाने का हिस्ट्रीशीटर है, इस पर चोरी और तस्करी के 14 मामले दर्ज है। एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने रीको, कोतवाली और डीएसटी की गठित विशेष टीम ने शहर भर के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने मोहननाथ (20) निवासी चौहटन और कमलसिंह (28) निवासी लूणू कलां को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उन्होंने मंदिरों में चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। लोगों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने अब पकड़े चोर शहर के जूना किराड़ू रोड पर स्थित माजीसा मंदिर में 28 दिसंबर की रात को 2.12 बजे तीन नकाबपोश चोरों ने सरिये से गेट तोड़कर माजीसा मंदिर से 1 घंटे में मूर्ति पर पहनाई हुई करीब 23 तोला सोना की आड और अन्य कीमती सामान चुरा कर ले गए। सूचना पर सेामवार सुबह कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। बदमाशों ने फिंगर प्रिंट से बचने के लिए हाथों में ग्लव्ज भी पहन रखे थे। चेहरा सीसीटीवी में पहचान में नहीं आए, इसके लिए नकाब पहन रखे थे। लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। इस पर पुलिस ने जल्द ही चोरी का खुलासा करने का आश्वासन दिया था। लेकिन दस दिनों तक चोरी का खुलासा नहीं होने पर 9 जनवरी को पुन: शहरवासियों ने जुलूस निकाला। पुलिस ने तीन दिन का समय लिया और तीन दिन के भीतर ही चोरी का खुलासा कर दिया। रीको थानाधिकारी भंवरसिंह ने बताया कि दोनों आरोपी मोहननाथ और कमलसिंह किसी प्रोफेशनल टीम की तरह काम करते थे। आरोपी दिन में मजदूर बनकर घूमते थे ताकि पुलिस या आम जन को शक न हो। वे उन मंदिरों और घरों को चुनते थे, जहां सुरक्षा में कमी होती। 4 जनवरी को महादेव मंदिर में चोरी के लिए आरोपी जिप्सम हॉल्ट की झाड़ियों के रास्ते पीछे की दीवार फांदकर घुसे और दानपात्र उठा ले गए। नाकाबंदी में फंसने पर खुद को गरीब और मजदूर बताकर पुलिस की नजरों से बच निकलते थे। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि 28 दिसंबर को बाड़मेर शहर के जूना किराड़ू मार्ग स्थित माजीसा माता मंदिर में हुई चोरी की वारदात को भी उन्होंने ही अंजाम दिया था। पुलिस ने इनके पास से एक चोरी की बाइक बरामद की है, जो इन्होंने बालोतरा जिले के जसोल थाने से चुराई थी। पुलिस आरोपियों से चोरी की गई राशि बरामद करने और शहर में हुई अन्य वारदातों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। संभावना है कि कई अन्य बड़ी चोरियों का खुलासा भी हो सकता है। आरोपी कमलसिंह पुलिस थाना ग्रामीण का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ कुल 14 मुकदमे दर्ज है। इसमें चोरी के 11, मारपीट के 2 और तस्करी का 1 मामला दर्ज है। वहीं मोहननाथ पर भी पूर्व में चोरी का केस दर्ज है।

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