कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क को तोड़ने के लिए धनबाद पुलिस ने सोमवार अहले सुबह बड़ा अभियान चलाया। सुबह करीब पांच बजे शहर के अलग-अलग इलाकों में एक साथ छापेमारी शुरू की गई, जिससे अपराधियों और उनके सहयोगियों में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई प्रिंस खान के गुर्गों के साथ-साथ उसे आर्थिक और अन्य तरह से मदद पहुंचाने वालों के खिलाफ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वासेपुर, पांडरपाला और भूली क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक ठिकानों को एक साथ टारगेट किया गया है। सिटी और ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में कार्रवाई इस बड़े ऑपरेशन का नेतृत्व सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी खुद कर रहे हैं। छापेमारी में डीएसपी स्तर के कई अधिकारी, स्थानीय थाना पुलिस और भारी संख्या में पुलिस व सुरक्षा बल शामिल हैं। पुलिस टीमों को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर तय रणनीति के तहत एक साथ दबिश दी गई, ताकि किसी को भागने का मौका न मिल सके। छापेमारी के दौरान कुछ इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और आने-जाने वाले रास्तों पर पुलिस बल की तैनाती की गई। जमीन, फल और पशु कारोबारियों के ठिकानों पर रेड पांडरपाला स्थित भट्ठा मुहल्ला इलाके में जमीन कारोबारी मो कैश के आवास पर पुलिस ने छापेमारी की। इसी क्षेत्र में फल कारोबारी वसीम के घर पर भी पुलिस टीम पहुंची। वासेपुर के आरा मोड़ स्थित उसकी फल दुकान की तलाशी ली गई, जबकि गुलजारबाग इलाके में बाबु खान के घर पर भी पुलिस ने दबिश दी। इसके अलावा जानवरों के कारोबार से जुड़े नदीम खान और शाहरुख को पुलिस ने हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि ये लोग प्रिंस खान के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं और आर्थिक सहयोग में भूमिका निभा रहे थे। नकदी बरामदगी की चर्चा, आगे भी जारी रहेगा अभियान छापेमारी के दौरान कुछ ठिकानों से नकदी बरामद होने की भी जानकारी सामने आ रही है, हालांकि पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों का कहना है कि बरामद नकदी और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही एसएसपी प्रभात कुमार ने प्रिंस खान को सहयोग करने वाले सफेदपोश लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि आने वाले दिनों में प्रिंस खान के पूरे नेटवर्क को खंगालते हुए और भी ठिकानों पर कार्रवाई की जाएगी।


