धार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों को क्षमता से अधिक पिकअप वाहनों में भरकर ले जाया जा रहा है। इन ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई न किए जाने से वाहन चालक बेफिक्र होकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। पिकअप और मेटाडोर जैसे वाहनों में निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक मजदूर सवार होते हैं। इससे वाहनों का संतुलन बिगड़ने और पलटने का जोखिम बना रहता है। काम पर समय पर पहुंचने की अनिवार्यता के कारण मजदूर भी अपनी जान जोखिम में डालकर इन वाहनों में यात्रा करने को मजबूर हैं। वर्तमान में खेतों में मटर तोड़ने और अन्य कृषि कार्य तेजी से चल रहे हैं। इसी वजह से वाहन चालक बड़ी संख्या में मजदूरों को एक साथ खेतों तक पहुंचा रहे हैं। कई बार मजदूरों को वाहनों में रस्सियों से बांधकर या चारों ओर से घेरकर खड़ा किया जाता है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। हादसों का खतरा बढ़ा
यह स्थिति यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन है। माल ढुलाई के लिए बने वाहनों का उपयोग सवारियां ढोने के लिए किया जा रहा है। संकरी और जर्जर सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ते ये ओवरलोड वाहन मजदूरों, अन्य यात्रियों और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहे हैं। इस संबंध में यातायात थाना प्रभारी प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ जल्द ही एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों की पहचान कर चालानी कार्रवाई की जाएगी, ताकि सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। देखें तस्वीरें


