रतलाम के नामली थाना अंतर्गत ग्राम सिखेड़ी में रुपयों के लेनदेन और शराब के नशे में हुए विवाद में एक बेटे ने अपने ही बुजुर्ग पिता की हत्या कर दी। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए आरोपी बेटे राधेश्याम को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक गणपतलाल (62) का शव रविवार सुबह उनके भाई के घर के बरामदे में मिला था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (1) के तहत केस दर्ज किया है, जिसे सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। मां से रुपए ले गया था, पिता ने मांगे तो सिर फोड़ दिया पुलिस जांच में हत्या की वजह पारिवारिक कलह और पैसों का लेनदेन सामने आई है। विवाद के दो दिन पहले बेटा राधेश्याम अपनी मां से रुपए लेकर गया था। जब पिता गणपतलाल को इस बात का पता चला, तो उन्होंने बेटे से रुपए वापस मांगे। शनिवार रात इसी बात को लेकर पिता और बेटे में विवाद हो गया। दोनों शराब के नशे में थे। बहस इतनी बढ़ी कि बेटे राधेश्याम ने पिता के सिर पर लकड़ी से जोरदार हमला कर दिया। हमले से गणपतलाल की दाहिनी आंख के ऊपर और नाक से खून बहने लगा। भाई के बरामदे में जाकर सोए, सुबह नहीं उठे मारपीट के बाद घायल गणपतलाल अपने घर के पास ही स्थित अपने भाई नानुराम के घर के बरामदे में जाकर सो गए। रविवार सुबह जब नानुराम ने भाई को उठाने की कोशिश की, तो वे नहीं उठे। उनकी मौत हो चुकी थी। घबराए भाई ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। चाचा ने खोली पोल, पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाया मामला घटना की सूचना मिलते ही एएसपी राकेश खाखा, एसडीओपी किशोर पाटनवाला, नामली थाना प्रभारी गायत्री सोनी और एफएसएल अधिकारी अतुल मित्तल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की और मृतक के भाई नानुराम से पूछताछ की। नानुराम ने पुलिस को बताया कि शनिवार रात भाई गणपतलाल और भतीजे राधेश्याम के बीच रुपयों को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसमें राधेश्याम ने पिता को मारा था। इस बयान के आधार पर पुलिस ने बेटे राधेश्याम को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।


