सबसे पहले नीचे दी गई ये 3 PHOTOS देखिए…. बैल का शिकार नहीं कर पाया लेपर्ड
बैल की गर्दन पकड़कर लेपर्ड करीब 35 सेकेंड तक लटकता रह, पर शिकार नहीं कर पाया। अपनी हिम्मत और संघर्ष से बैल ने लेपर्ड के साथ-साथ मौत को भी मात दे दी। लेपर्ड उसे गर्दन पकड़कर दबोचने के प्रयास में लगा रह, पर बैल ने भी हिम्मत नहीं हारी। वह लगातार अपने पैरों से वार करता रहा। लेपर्ड को घसीटता हुआ आगे बढ़ता रहा। आखिरकार लेपर्ड के जबड़े से बैल ने खुद को आजाद करा लिया। अब जानते हैं पूरा मामला
कोटा के कोलीपुरा गांव के मुकुन्दरा टाइगर हिल्स क्षेत्र में लेपर्ड ने बैल पर हमला बोल दिया था। घटना 10 जनवरी की शाम करीब 6 बजे कोलीपुरा गांव के पास की है। काफी जद्दोजहद के बाद बैल ने लेपर्ड के जबड़े से खुद को छुड़ाया। इसके बाद शिकार और शिकारी अलग-अलग दिशाओं की ओर निकल गए। इस घटना के गवाह बने थे सरकारी शिक्षक बृज बिहारी मेघवाल और परमेश्वर राठौड़। दोनों कोटा से रावतभाटा की ओर कार से जा रहे थे। रास्ते में यह सीन देखकर रुक गए और मोबाइल में बैल का जान बचाने के लिए किए जाने वाले इस संघर्ष को रिकॉर्ड कर लिया। शाम और रात को सतर्कता बरतने की सलाह
कोटा–रावतभाटा मार्ग पर मुकुन्दरा के जंगल में लेपर्ड दिखाई देना कोई नई बात नहीं है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मुकुन्दरा क्षेत्र लेपर्ड का क्षेत्र है। ऐसे में राहगीरों को शाम और रात के समय विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। वन विभाग ने वाहन चालकों से जंगल क्षेत्र में रफ्तार कम रखने, अनावश्यक रूप से रुकने से बचने और वन्यजीव दिखाई देने पर बगैर छेड़छाड़ के वहां से निकल जाने की अपील की है। — यह खबर भी पढ़िए… पाली के जवाई में अठखेलियां करते लेपर्ड; VIDEO: जंगल सफारी करने आए पर्यटकों के लिए रोचक एक्सपीरिएंस, कैमरे में कैद किया दुर्लभ नजारा पाली जिले के बाली उपखंड क्षेत्र में स्थित सेना ग्राम की पहाड़ियों में पर्यटकों को एक दुर्लभ नजारा देखने को मिला। जंगल सफारी के दौरान दो लेपर्ड अठखेलियां करते नजर आए, जिसका वीडियो वहां मौजूद पर्यटकों ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। (पढ़ें पूरी खबर)


