कोटा में नगर निगम को मुर्दा मवेशियों को डालने के लिए कोई स्थायी जगह नहीं मिल पा रही है। ऐसे में अभी निगम अस्थाई तौर पर आंवली में ही मुर्दा मवेशियों को डलवा रहा है। लेकिन वहां भी विरोध जारी है। वहीं जहां नई जगह बताई जाती है, वहां भी आपत्तियां आ रही है। शहर में और निगम की गोशाला में मृत मवेशियों को उठाने के लिए निगम की ओर से मुर्दा मवेशी ठेकेदार को ठेका दिया हुआ है। ठेकेदार काफी समय से मृत मवेशियों को भामाशाह मंडी रेलवे लाइन के पास डाला जा रहा था। लेकिन कुछ समय पहले वन विभाग की कार्रवाई के बाद से ठेकेदार को वहां मवेशी नहीं डालने दिए गए। इसके बाद नगर निगम ने संवेदक को बंधा धर्मपुरा रोड स्थित आंवली में जगह आवंटित की। जहां कुछ दिन तक मवेशी डालने के बाद स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरु कर दिया। स्थानीय लोगों ने ठेकेदार को वहां मवेशी नहीं डालने दिए। जिससे नाराज होकर ठेकेदार ने कई दिन तक मवेशी नहीं उठाए। जिससे शहर में मृत मवेशियों की दुर्गंध फैलने लगी। इसे देखते हुए नगर निगम अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से समझाइश कर मृत मवेशियों को आंवली में ही डलवा दिया। साथ ही नई जगह की तलाश शुरू कर दी। आंवली में मवेशियों को जमीन में गाढ़ा जा रहा है। इधर गौशाला समिति के पूर्व चेयरमेन जितेन्द्र सिंह ने बताया कि नई जगह की तलाश की जा रही है। जहां भी जगह देखी जा रही है। वहां स्थानीय लोग विरोध कर रहे है। ऐसे में फिलहाल आंवली में ही मवेशी डालकर जमीन में गाढ़े जा रहे हैं।


