भरतपुर के प्रभारी मंत्री सुरेश रावत ने कलेक्ट्रेट में अफसरों की मीटिंग ली। उन्होंने कहा- जहां तक डीग जिले का मामला है, पिछली सरकारों में कुछ वहां प्रभावशाली लोग रहे। वहां अवैध खनन की बीमारी पिछले समय से चल रही है। जिसका हम इलाज करने में लगे हैं। लंबी बीमारी होती है तो उसका इलाज करने में समय लगता है। प्रभारी मंत्री ने कहा- हमारी सरकार अवैध खनन पर सख्त है। हर हाल में यह बंद होना चाहिए, इसके लिए हम काम कर रहे हैं। पहले सरकार में खुले में अवैध खनन होता था। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनता की सुनवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने अवैध खनन पर कहा कि हमारी सरकार अवैध खनन को रोकने की कोशिश कर रही है। पिछली सरकार में अवैध खनन माफिया पुलिसकर्मियों का मर्डर तक कर देते थे। इस पर अंकुश लगा है। कोई भी दोषी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा। हमारी सरकार ने अवैध खनन बंद करने का प्रयास किया है। पहाड़ी क्षेत्रों को ब्लॉक किया गया है। सरकार का सघन अभियान चल रहा है। अवैध खनन पर हमारी सरकार लगाम लगाएगी। सीएम भरतपुर के विकास के लिए लेते हैं मीटिंग भरतपुर में चल रहे निर्माण कार्यों पर प्रभारी मंत्री ने कहा- निर्माण कार्यों की प्रक्रिया है। जब कोई निर्माण होता है कुछ निर्माण तोड़ना भी पड़ता है। सड़क बनानी है तो, नालियों को तोड़ना पड़ता है। सीएम भरतपुर का विकास करना चाहते हैं। इसके लिए वह बार-बार भरतपुर जिले की अलग से मीटिंग लेते हैं। वह खुद रिव्यू करते हैं जिससे भरतपुर हिन्दुस्तान के नक्शे पर अलग से निखरे। भरतपुर के अंदर चारों तरफ विकास के काम चल रहे हैं। अधिकारियों से सड़क पानी और बिजली पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि किसी भी सूरत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन या कोई जनप्रतिनिधि फोन करें तो, तुरंत रिस्पॉन्स देना होगा। इसके अलावा प्रमुख बजट घोषणाओं की समीक्षा की गई। आने वाले समय में सरकार का बजट पेश होगा। गंदे पानी की समस्या सामने आई है बजट में भरतपुर की क्या-क्या जरूरत हैं। इसके लिए कई वर्गों की बैठक बुलाई है। बैठक में सुझाव लिए जाएंगे। उन सुझावों को सीएम के सामने पेश किया जाएगा। उसके अनुरूप बजट पेश होगा। जो निर्माण कार्य चल रहे हैं। उनमें गुणवत्ता अच्छी हो इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। भरतपुर गंदे पानी की समस्या सामने आई है। कल इसको लेकर कलेक्टर अलग से मीटिंग लेंगे। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई हैं कि समस्या का तुरंत समाधान करें। इसके अलावा बिजली की कुछ समस्याएं उनके लिए निर्देश दिए गए हैं।


