जर्जर स्कूलों के लिए स्वीकृत राशि नहीं मिली!:दो सौ से ज्यादा स्कूल तोड़े,नए निर्माण नहीं, बच्चों की पढ़ाई हो रही बाधित

जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए राशि स्कूलों को न मिलने के विरोध में यूथ कांग्रेस की तरफ से सीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। यूथ कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता स्वप्निल शर्मा एवं एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विशाल मेवाड़ा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री राजस्थान के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग जर्जर स्कूलों के लिए राज्य सरकार की ओर से स्वीकृत 100 करोड़ रुपए की राशि स्कूलों तक पहुंचाने तथा 278 स्कूलों को जमींदोज किए जाने के बाद उन स्टूडेंट्स की पढ़ाई को व्यवस्थित करने की मांग की गई। स्वप्निल शर्मा ने बताया कि सरकार ने जर्जर स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण व मरम्मत के लिए 100 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे, लेकिन यह राशि जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पाई। परिणामस्वरूप कई जर्जर स्कूलों को तोड़ा भी गया लेकिन नए भवनों का निर्माण समय पर नहीं हो सका। इससे सैकड़ों विद्यार्थियों को कई किलोमीटर दूर दूसरे स्कूलों में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। शर्मा ने कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर सरकार की लापरवाही बेहद चिंताजनक है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए स्कूलों को जमींदोज करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। वहीं एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विशाल मेवाड़ा ने कहा कि अगर जल्द स्वीकृत राशि स्कूलों तक पहुंचाकर निर्माण काम शुरू नहीं किया गया तो संगठन को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जर्जर स्कूलों के लिए स्वीकृत 100 करोड़ रुपए की राशि तुरंत जारी की जाए, जिन 278 विद्यालयों को गिराया गया है, वहां शीघ्र नए भवनों का निर्माण कराया जाए, तब तक विद्यार्थियों के लिए पास के सुरक्षित स्कूलों और पास के स्कूलों में समुचित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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