रायसेन के भोपाल रोड स्थित डबल लॉक खाद गोडाउन पर खाद की समस्या को लेकर सोमवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। खाद ओर टोकन नहीं मिलने से नाराज किसानों ने अपने वाहन सड़क पर खड़े कर विरोध प्रदर्शन किया। दरअसल, सोमवार को टोकन और बिना टोकन वाले करीब 300 से ज्यादा किसान खाद लेने गोडाउन पहुंचे थे। किसानों का आरोप है कि गोदाम कर्मचारियों ने उन्हें खाद देने से मना कर दिया। इसी बात से नाराज होकर किसान गोदाम से निकलकर सड़क पर पहुंच गए और विरोध जताने लगे। मौके पर पहुंचे तहसीलदार दिया आश्वासन
सूचना मिलने पर तहसीलदार भरत मंड्रे मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाइश दी और खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान वापस गोदाम पहुंचे और लाइन में लग गए। किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल में पानी देने के साथ यूरिया खाद डालने की सख्त जरूरत है। लेकिन गोदाम पर टोकन 10 से 15 दिन बाद के दिए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि जरूरत अभी है, ऐसे में देरी से मिलने वाला टोकन उनके किसी काम का नहीं है। कई किसानों ने बताया कि उन्हें सुबह से लाइन में लगना पड़ रहा है, फिर भी खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे काफी परेशानी हो रही है। अधिकारी बोले- पर्याप्त खाद उपलब्ध
जिला विपणन अधिकारी कल्याण सिंह ठाकुर ने बताया कि अव्यवस्था से बचने के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में गोदामों में करीब 3500 मीट्रिक टन यूरिया, 1500 मीट्रिक टन डीएपी और 9500 मीट्रिक टन एनपी खाद उपलब्ध है। किसानों को आवश्यकता के अनुसार खाद का वितरण किया जा रहा है। हालांकि अधिकारियों के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि किसान खाद के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं और उन्हें कई दिन बाद के टोकन दिए जा रहे हैं। ऐसे में समय पर खाद नहीं मिलने से फसल पर असर पड़ने की चिंता किसानों को सता रही है।


