छिंदवाड़ा जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। आईसीयू 2 में भर्ती पातालेश्वर निवासी इंदिरा बाई की इलाज के अभाव में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सुबह वृद्धा की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, लेकिन करीब 3 घंटे तक कोई डॉक्टर आईसीयू में नहीं पहुंचा। इस दौरान परिजन स्टाफ से लगातार डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई जिसका वीडियो अब सामने आया है परिजनों के मुताबिक इलाज न मिलने के कारण इंदिरा बाई ने आईसीयू में ही दम तोड़ दिया। इसी दौरान एक अन्य मरीज की मौत होने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। घटना रविवार की है। आज आईसीयू में परिजनों के विरोध करने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में सामने आई हकीकत
घटना से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें परिजन आईसीयू की स्थिति और डॉक्टरों की गैर मौजूदगी को लेकर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि गंभीर मरीज होने के बावजूद समय पर चिकित्सकीय मदद नहीं मिल सकी। सिविल सर्जन सुशील दुबे ने कहा कि आईसीयू 2 में मरीज की मौत के बाद हंगामा की जानकारी मिली थी। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर की ड्यूटी थी। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को इस मामले से अवगत करा दिया गया है। यदि जिला अस्पताल के डॉक्टर की लापरवाही होगी तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर के निर्देशों के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
बीते दिनों ही कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्होंने व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। निरीक्षण के बाद यह दावा भी किया गया था कि छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा, लेकिन ताजा घटना ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


