प्रभारी मंत्री ने PWD SE को चार्जशीट के निर्देश दिए:बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक में जताई नाराजगी

बारां के प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने बजट घोषणाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को संवेदनशीलता से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में गैरमौजूद रहने और कार्य में लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मंत्री देवासी ने पीडब्ल्यूडी के एसई हुकमचंद मीणा को चार्जशीट देने के निर्देश दिए। मंत्री देवासी ने 2024-25 और 2025-26 की बजट घोषणाओं पर विचार-विमर्श किया और आगामी बजट के लिए जिले की महत्वपूर्ण आवश्यकताओं पर सुझाव भी लिए। उन्होंने अधिकारियों से पूर्व बजट घोषणाओं को तुरंत प्रभाव से पूरा करने और जिले के विकास व आमजन के हित में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने को कहा। बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए सड़क, बिजली और पेयजल से संबंधित समस्याओं के पर्यवेक्षण एवं समाधान पर चर्चा हुई। मंत्री ने पूर्व बजट घोषणाओं में भूमि आवंटन और डीएमएफटी, पंच गौरव, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना सहित स्थानीय विकास योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर भी जानकारी ली। जल संसाधन विभाग के कार्यों में मिली शिकायतों पर उन्होंने गुणवत्ता जांच के लिए कमेटी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, पीडब्ल्यूडी के विभिन्न विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को तुरंत ब्लैकलिस्ट करने के भी आदेश दिए। इस दौरान बारां विधायक राधेश्याम बैरवा और किशनगंज विधायक ललित मीणा ने भी अपने सुझाव दिए। प्रभारी मंत्री ने सभी अधिकारियों को विभागीय गतिविधियों में तालमेल और तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में समाजसेवी नरेश सिकरवार, पूर्व जिला प्रमुख नंदलाल सुमन, प्रधान मोरपाल सुमन सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रभारी मंत्री ने बजट सुझावों के लिए साधा संवाद प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी ने मिनी सचिवालय के सभागार में आयोजित संवाद कार्यक्रम के तहत आगामी बजट में जिले की संभावित आवश्यकताओं को शामिल करने के लिए सामाजिक संस्थाओं यथा एनजीओ, सिविल सोसाइटी एवं उपभोक्ता फोरम के प्रतिनिधियों, कृषक, पशुपालन एवं डेयरी संगठन के प्रतिनिधियों, युवाओं, खिलाड़ियों, उद्योग एवं सेवा क्षेत्र, व्यापार कर सलाहकार एवं युवा प्रोफेशनल्स व महिला प्रतिनिधियों से जिला स्तर पर बजट सुझाव प्राप्त किए। इस दौरान जिला कलेक्टर द्वारा अब तक प्राप्त सुझावों के बारे में सभी को विस्तार से बताया गया। वहीं, सभी वर्गों से जिले को उन्नत बनाने के लिए सुझाव लिए गए। बैठक में उपस्थित विभिन्न संगठनों व संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने जिले की मूलभूत आवश्यकताओं व भविष्य के दृष्टिगत जिले के विकास को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इन सुझावों में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उद्यमी प्रोत्साहन की नई योजनाएं लागू करना, जीएसटी करों का सरलीकरण, मिल्क प्रोसेसिंग, नस्ल सुधार केन्द्र की स्थापना, प्राइवेट बस स्टैण्ड, रिंग रोड आदि के सुझाव प्रमुखतया प्राप्त हुए।

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