बुरहानपुर में सीएमएचओ कार्यालय के सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी योगेश गोस्वामी की शिकायत पर कर्मचारी संगठनों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। संगठनों ने सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप मोसेस और आरएमओ डॉ. भूपेंद्र गौर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने कर्मचारी के घर गुंडे भेजकर मारपीट कराने का प्रयास किया। योगेश गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि 9 जनवरी को सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप मोसेस और आरएमओ डॉ. भूपेंद्र गौर ने उनके घर में घुसकर अभद्र व्यवहार और मारपीट की। इसके अगले दिन, 10 जनवरी को 10 से 15 युवकों ने योगेश के एक दोस्त के साथ मारपीट की थी। इस मामले में थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। वहीं, आरएमओ डॉ. भूपेंद्र गौर ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने उसी दिन थाने में लिखित आवेदन देकर कहा था कि चोरी की आशंका के चलते एक युवक को पकड़ा गया था। सोमवार शाम को विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त रूप से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सिविल सर्जन और आरएमओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में मप्र लिपिक कर्मचारी संघ के जिला सचिव अनिल गायकवाड़, मप्र स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव व जिलाध्यक्ष हेमंत सिंह बैस, मप्र राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विजय गाढ़े, न्यू बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश संगठन मंत्री महेश वर्मा, मप्र कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री चंद्रकांत लांडे, संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मोहम्मद हुसैन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप सावनेर शामिल थे। कर्मचारी नेताओं ने यह भी कहा कि शिकायत के बावजूद अब तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज करने की मांग की।


