मां-बेटी की कुल्हाड़ी से हत्या केस में फैसला:लगातार दो बार आजीवन कारावास में सजा काटेगा हत्यारा; सजा सुनते ही निकले आंसू

नर्मदापुरम के पीलीखंती क्षेत्र में मां-बेटी की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या के बहुचर्चित मामले में सोमवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नर्मदापुरम के न्यायालय ने आरोपी जीतू जरिया को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक हत्या के लिए 5-5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। फैसला सुनते ही आरोपी कोर्ट में मायूस नजर आया और उसकी आंखों से आंसू निकल आए, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। यह घटना 20 अप्रैल 2025 की शाम करीब 5 बजे नर्मदापुरम शहर के पीलीखंती क्षेत्र में हुई थी। आरोपी जीतू जरिया ने पहले घर के आंगन में मां पूजा मौर्य की कुल्हाड़ी से हत्या की, इसके बाद करीब 90 फीट दूर दूसरी जगह बेटी पल्लवी मौर्य को भी मौत के घाट उतार दिया। करीब 100 फीट के इलाके में खून ही खून बिखर गया था, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। जमीन विवाद बना हत्या की वजह
जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा के अनुसार, आरोपी जीतू जरिया ने फरियादी के घर के पीछे बने बाथरूम का गेट तोड़ दिया था। इस पर पूजा मौर्य और उनकी बेटी पल्लवी ने आपत्ति जताई। आरोपी ने मकान को अपनी जमीन पर बना बताकर खाली करने की धमकी दी और घर से लोहे की कुल्हाड़ी लाकर पूजा मौर्य के सिर पर वार कर दिया। पूजा आंगन में गिर पड़ी और मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गई। बीच-बचाव करने पहुंची बेटी को घसीटकर मारा
मां को बचाने पहुंची बेटी पल्लवी मौर्य को आरोपी ने बाल पकड़कर घसीटते हुए पास के मकान के गेट तक ले गया और वहां कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। पल्लवी ने छोड़ देने की गुहार लगाई, लेकिन आरोपी ने सिर, हाथ और कलाई पर वार कर उसकी भी हत्या कर दी। घटना के दौरान फरियादी लियांसी मौर्य और उसका छोटा भाई बचाव के लिए आगे आए, लेकिन आरोपी उनके पीछे भी कुल्हाड़ी लेकर दौड़ा। जान बचाने के लिए दोनों को भागना पड़ा। 100 फीट तक फैला था खून, एम्बुलेंस भी नहीं पहुंच पाई
घटना के बाद करीब 100 फीट क्षेत्र में सड़क और दीवारों पर खून के छींटे पड़े थे। संकरी गली होने के कारण एम्बुलेंस मौके तक नहीं पहुंच सकी और शवों को सड़क तक उठाकर लाना पड़ा था। 23 गवाहों की हुई गवाही इस डबल मर्डर केस में कुल 23 गवाह पेश किए गए, जिनमें मृतका का नाबालिग बेटा भी शामिल रहा। तत्कालीन कोतवाली टीआई सौरभ पांडे विवेचना अधिकारी रहे, जबकि जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा ने मामले की पैरवी की। न्यायालय ने अपने आदेश में मृतका पूजा मौर्य की अवयस्क संतानों को 75-75 हजार रुपए प्रतिकर राशि प्रदान करने के निर्देश भी दिए हैं। आठ महीने बाद आए इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं क्षेत्र के लोगों ने भी अदालत के निर्णय को अपराध पर कड़ा संदेश बताया है। यह खबर भी पढ़ें…
नर्मदापुरम में मां-बेटी की हत्या नर्मदापुरम में एक मां-बेटी की धारदार हथियार मारकर हत्या कर दी गई। एक का शव घर के आंगन में मिला। वहीं दूसरी महिला का शव 91 फीट दूर पड़ोसी के दरवाजे पर मिला। घटना रविवार शाम 5 बजे की है। सूचना मिलते हुए एसपी गुरकरन सिंह, एएसपी, एसडीओपी पराग सैनी समेत तमाम पुलिस अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस शवों को चादर में लपेटकर ले गई। पूरी खबर पढ़िए

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