मुंगेली के लोरमी स्थित लालपुर थाना क्षेत्र में 9 जनवरी को 62 वर्षीय रामकुमार कश्यप की उसके चचेरे भाइयों ने जमीन विवाद में हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने एक नाबालिग समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक रामकुमार कश्यप के नाम पर 6.70 एकड़ पैतृक जमीन थी, जिस पर वह पिछले 30 वर्षों से खेती कर रहे थे। उनके चचेरे भाई परदेशी के बेटे अयोध्या कश्यप द्वारा इस जमीन में हिस्सेदारी की मांग की जा रही थी और इसे लेकर सामाजिक बैठकें भी होती थीं। जानिए पूरा मामला इस विवाद के चलते रामकुमार कश्यप ने वर्ष 2019 में सिविल कोर्ट लोरमी में एक मामला दायर किया था। न्यायालय ने 30 दिसंबर 2025 को निर्णय दिया कि रामकुमार कश्यप और अयोध्या कश्यप दोनों 6.70 एकड़ जमीन में से 3.35-3.35 एकड़ के अधिकारी हैं। हालांकि, कब्जे का आदेश नहीं आने के कारण रामकुमार कश्यप ने हर साल की तरह इस साल भी पूरी 6.70 एकड़ जमीन पर धान की फसल बोई थी। धान काटने के बाद उन्होंने खेत में गेहूं, बटरी और मेड़ पर अरहर की फसल लगाई थी। कुछ पकी हुई अरहर की फसल काट ली गई थी। आरोपी फसल काटकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में रख रहे थे घटना 9 जनवरी की सुबह लगभग 9 बजे हुई, जब मृतक के बेटे सुखदेव कश्यप अपने खेत पहुंचे। उन्होंने देखा कि अयोध्या, अंकित, अन्नु, रामफल, कुंज बिहारी और नंद कुमार खेत में लगी अरहर को हंसिया से काट रहे थे। संतोष कश्यप, धनराज कश्यप, राजू कश्यप, डोमन निषाद, राधेश्याम कश्यप और सुरेश कश्यप कटे हुए अरहर को ट्रैक्टर-ट्रॉली में डाल रहे थे। विरोध पर गाली-गलौज की, लाठी-डंडे से हमला किया सुखदेव कश्यप द्वारा विरोध करने पर सभी ने गाली-गलौज शुरू कर दी। रामकुमार कश्यप के मौके पर पहुंचने पर आरोपियों ने उन पर लाठी-डंडे और तब्बल से हमला कर दिया। इस हमले में रामकुमार कश्यप की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद सभी आरोपी ट्रैक्टर में बैठकर रामकुमार कश्यप के शव के ऊपर ट्रैक्टर-ट्रॉली का पिछला पहिया चढ़ाते हुए बस्ती की ओर भाग गए। पुलिस ने इस मामले में रामफल कश्यप, धनराज कश्यप, राजू कश्यप, डोमन निषाद, नंदकुमार कश्यप, सुरेश चंद्राकर (सभी निवासी बांधा, जिला मुंगेली, छत्तीसगढ़) और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है।


