वाराणसी के दालमंडी में बुलडोजर एक्शन शाम पांच बजे थम गया है। तोड़े गए मकानों के मलबों को सुबह 9 बजे से बुलडोजर से हटाया गया। विरोध को देखते हुए पूरी गली में बैरिकेडिंग की गई। करीब 200 पुलिसकर्मी तैनात रहे। इसके बाद नई सड़क कपड़ा मार्केट की ओर बुलडोजर पहुंचा। करीब 8 घंटे तक एक्शन चला। दो मकान को तोड़ा गया। आगे का एक्शन कल होगा। यहां मकान मालिक अदनान ने कहा- चाहे जो हो हम घर खाली नहीं करेंगे। चाहें तो हमारे ऊपर ही मकान गिरा दें। हालांकि बाद में उन्होंने खुद हथौड़े से अपना मकान तोड़ना शुरू किया। कहा- मैंने घर बनाया है तो मैं ही तोड़ूंगा। ये लोग कह रहे हैं कि इस मकान का नक्शा पास नहीं है। दालमंडी के 8 मकानों पर हथौड़ा चल चुका है। शाम पांच बजे बुलडोजर एक्शन रुक गया है। 3 तस्वीरें देखिए… 187 मकानों को ढहाने के लिए चिह्नित किया
वाराणसी नगर निगम ने 187 मकानों को ढहाने के लिए चिह्नित किया है। इनके मालिकों को करीब 191 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाना है। इनमें 14 दुकानदारों ने मुआवजा लेने के बाद ध्वस्तीकरण की मंजूरी लिखित में दी है। सबसे पहले इनके ही मकान-दुकान गिराए जा रहे। अब तक 2 ही मकान गिराए गए थे। दालमंडी को अंग्रेज ‘डॉलमंडी’ कहते थे। बॉलीवुड अभिनेत्री नरगिस की मां और एक्टर संजय दत्त की नानी जद्दनबाई यहीं से थीं। बनारस घराने के मशहूर तबलावादक लक्ष्मी नारायण सिंह यानी लच्छू महाराज का भी यहां से गहरा नाता था। दालमंडी से जुड़े अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…


