खंडवा के सीनियर महाविद्यालय जनजातीय कन्या छात्रावास की छात्राओं को वार्डन रेखा प्रजापति मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करती हैं। उन्हें सड़ा-गला और इल्ली मिला भोजन दिया जाता है। सोमवार को 5 छात्राओं की थालियों में 3 इंच लंबी इल्लियां निकलीं। उल्टियां होने के बाद छात्राओं ने इलाज के लिए कहा तो वार्डन उन्हें अपने साथ ही अस्पताल लेकर पहुंचीं। आधे घंटे में ही डिस्चार्ज करवाकर हॉस्टल ले आईं। इसके बाद हॉस्टल में रहने वाली सभी छात्राएं शाम करीब 5 बजे कलेक्ट्रेट के लिए निकल पड़ीं। वे पैदल ही कलेक्ट्रेट पहुंची। कलेक्टर से मिलने के लिए अड़ीं, नारेबाजी की
कलेक्ट्रेट पहुंची छात्राओं ने कलेक्टर ऋषभ गुप्ता से मिलने की मांग की। अधिकारियों ने कलेक्टर के बैठक में व्यस्त होने की बात कही। इस पर सभी छात्राएं कलेक्टर के कमरे के सामने ही जमीन पर बैठ गईं। नारे लगाने लगीं। इस दौरान जनजातीय कार्य विभाग के कर्मचारी भी पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे कलेक्टर से मिलने के लिए अड़ी रहीं। कलेक्टर से मिलने दौड़ीं तो ADM देशमुख आईं
एक घंटे तक प्रदर्शन और नारेबाजी के बावजूद जब कलेक्टर गुप्ता नहीं आए तो छात्राएं उठीं और सभागार की तरफ दौड़ लगा दी। हंगामा देखकर अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख मौके पर पहुंचीं। छात्राओं की समस्या सुनी। मनीषा, मोनू, भारती, सलोनी, साक्षी, खुशबू ने बताया कि वे सभी शहर के लालचौकी स्थित सीनियर ट्राइबल गर्ल्स हॉस्टल की छात्राएं हैं। उन्हें जेल में कैदियों को परोसे जाने वाले भोजन से भी बदतर खाना दिया जाता है। पीने का पानी भी साफ नहीं आता है। हॉस्टल की साफ-सफाई भी समय पर नहीं होती है। विरोध करने पर मारपीट करती है वार्डन
छात्राओं ने कहा कि इससे पहले भी कई बार जनजातीय कार्य विभाग के दफ्तर जाकर शिकायतें कीं लेकिन कोई हल नहीं निकला। सहायक संचालक नीरज पाराशर निरीक्षण पर आते हैं और वार्डन को क्लीनचिट देकर चले जाते हैं। फिर वार्डन हमें धमकाती हैं। घरवालों को फोन करके कहती हैं कि तुम्हारी लड़की स्कूल नहीं जाती, बाहर घूमती है। खराब खाने का विरोध करते हैं तो थप्पड़ मारती हैं। कहती हैं कि जहां जाना हो, चले जाओ। मैं सबको कमीशन बांटती हूं। अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख ने आश्वासन दिया कि वे हॉस्टल का निरीक्षण करेंगी। सभी समस्यओं का जल्द समाधान कराएंगी। इसके बाद ही छात्राओं ने प्रदर्शन खत्म किया। खबर पर आप अपनी राय यहां दे सकते हैं… ये खबर भी पढे़ं… इंदौर में दूषित पानी से 23वीं मौत, ICU में भी मरीज बढ़कर 13 हुए इंदौर में दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या नहीं थम रही है। सोमवार को मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 23 हो गया है। मृतक का नाम भगवानदास पिता तुकाराम भरणे (64) है। वह करीब 10 दिन से हॉस्पिटल में एडमिट थे। पहले उन्हें एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। बाद में बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया था। पढे़ं पूरी खबर…


