रांची में सर्दी में आमतौर पर हरी सब्जियों की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है, लेकिन इस बार स्थिति पूरी तरह अलग है। रोजमर्रा में उपयोग होने वाली सब्जियां महंगी होने से उपभोक्ताओं का रसोई बजट बिगड़ गया है। आसपास के किसानों ने बताया कि अक्टूबर माह तक हुई भारी बारिश ने खेतों में नमी बढ़ा दी और कई जगहों पर फसल को नुकसान पहुंचाया। वहीं, अब शुरू हुई अत्यधिक ठंड और पाले ने कई सब्जियों की गुणवत्ता और उत्पादन को प्रभावित किया है। इस वजह से किसान भी जोखिम कम करने के लिए खेतों में ज्यादा सब्जियां नहीं लगा पाए। किसानों के अनुसार, पाले से टमाटर, फूलगोभी और मटर जैसी सब्जियों को नुकसान हुआ है। इस कारण पिछले साल जनवरी में 10 से 20 रुपए किलो बिकने वाला टमाटर अभी 40 से 50 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। फूलगोभी की कीमतें भी पिछले साल 20-25 रुपए किलो थीं, लेकिन इस साल 50-60 रुपए बिक रही हैं। बंदगोभी के दाम भी पिछले साल की तुलना में ज्यादा है। मटर अभी तक सामान्य से महंगा है। 15 दिनों में सब्जियां सस्ती होने की संभावना बेड़ो के किसान पंकज कुजूर ने बताया कि ठंड के कारण फसल को बचाकर ही खेती करनी पड़ रही है। पिठौरिया के रामधन ने बताया कि सितंबर-अक्टूबर में हुई भारी बारिश के कारण टमाटर और फूलगोभी समय पर नहीं लग पाईं। विष्णु साहू का कहना है कि 15 दिनों में नया फसल आने से सब्जियां सस्ती होंगी। सब्जियों की कीमतें रुपए प्रति किलो में सब्जी कीमत मटर 40-50 फूलगोभी 40-40 बंदगोभी 40-60 टमाटर 40-50 पालक 20-40 फ्रेंचबीन 40-50 मूली 20-30 भिंडी 80-100 कद्दू 30-40 हरी मिर्च 100-150 आलू 15-20 प्याज 30-35 गाजर 30-40 धनिया 50-100 सिम 40-50 इस वर्ष बारिश काफी लंबी खींच गई थी। इसलिए किसानों ने कई फसलें देरी से लगाई थी। देर से फसल लगाने के कारण सब्जियां बाजार में नहीं आ पा रही हैं जिससे सब्जियां सस्ती नहीं हो पा रही हैं।- डॉ संयत मिश्रा,प्रोफेसर, बीएयू


