नियमों में संशोधन की तैयारी:5वीं में बच्चे फेल भी होंगे, पास करने के लिए दो माह मिलेंगे

प्रदेश में अब 5वीं में फेल बच्चे प्रमोट नहीं किए जा सकेंगे। फेल बच्चों के दो महीने में फिर से परीक्षा होगी। उसमें भी पास नहीं होने की स्थिति में फिर से 5वीं में पढ़ाई करनी पड़ेगी। आरटीई में चयनित फेल बच्चों को प्राइवेट स्कूल बाहर नहीं निकाल सकेंगे। बच्चा उसी स्कूल में पढ़ता है तो फीस सरकार ही वहन करेगी। राज्य सरकार इसके लिए आरटीई नियमों में बड़ा संशोधन करने जा रही है। शिक्षा विभाग ने संबंधित संशोधन की पत्रावली विधि विभाग में वेट के लिए भेज दी है। मंजूरी आते ही नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। यह व्यवस्था अगले सत्र वर्ष 2026-27 से लागू होगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि राजस्थान शिक्षा बोर्ड से संबद्ध सरकार एवं प्राइवेट स्कूलों में पिछले साल करीब 15 लाख बच्चों ने 5वीं बोर्ड की परीक्षा दी थी। इसमें सभी बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया था। लेकिन, अब आने वाले सत्र में ऐसा नहीं होगा। क्योंकि, केंद्र सरकार ने ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ को खत्म कर दिया है। राज्य में नियमों को बदलने के लिए मंत्री मदन दिलावर के स्तर पर अनुमोदन किया जा चुका है। गौरतलब है कि 16 से अधिक राज्यों में इसे पहले ही संशोधित किया जा चुका है। राज्य सरकार का मानना है कि इससे बच्चों के सीखने का स्तर गिर रहा है। बच्चे पढ़ाई को लेकर लापरवाह हो गए हैं। क्योंकि, उनको फेल होने का डर ही नहीं रहता है।

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