छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सीमा पर स्थित चिल्फी आरटीओ चेकपोस्ट पर आरोप लगते रहे हैं। स्थानीय वाहन चालकों और ग्रामीणों का आरोप है कि शामिल ट्रक और हाईवा को न तो वेट मशीन पर तौला जाता है और न ही हाइट गेज से जांच की जाती है। तयशुदा रकम के बाद वाहनों को सीधे पास कर दिया जाता है। साथ ही डिजिटल युग में भी वाहनों की ऊंचाई मापने के लिए बांस का उपयोग किया जा रहा है। वाहन चालकों ने शिकायत करने पर फर्जी चालान और मानसिक प्रताड़ना का भी आरोप लगाया है। इसी बीच छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने हाल के बस आगजनी मामलों को ध्यान में रखते हुए चेकपोस्ट से गुजरने वाली बसों की जांच की। परिवहन चेकपोस्ट प्रभारी अतुल तिवारी ने बताया कि बसों में अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 12 बसों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ मोटर यान नियम 1994 की विभिन्न धाराओं के तहत 10,000 रुपए का चालान किया गया। टीम ने बसों के चालक, परिचालक और ऑपरेटरों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की कड़ी हिदायत दी और यात्रियों को आगजनी जैसी स्थिति में सुरक्षित बचाव के उपाय बताए। कहा कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों पर जब्ती कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और चालकों ने विजिलेंस जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


