भास्कर न्यूज | अमृतसर सरपंच जरमल सिंह हत्याकांड मामले में पुलिस ने 2 शूटरों को हथियार मुहैया करवाने वाले 5 आरोपियों को काबू किया है। 2 आरोपी मोहाली और 3 को तरनतारन से गिरफ्तार किया गया है। वहीं शूटर सुखराज सिंह उर्फ गूंगा निवासी तरनतारन और कर्मजीत सिंह निवासी गुरदासपुर को पुलिस पहले ही छत्तीसगढ़ के रायपुर से गिरफ्तार कर चुकी है। सोमवार को पकड़े गए आरोपियों में जोबनप्रीत सिंह (19) निवासी पिंड भाई लड्डू तरनतारन, हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (27) निवासी बहादर नगर तरनतारन, जोबनप्रीत सिंह (20), कुलविंदर सिंह उर्फ किंदा (20) और अरमानदीप सिंह (18) तीनों निवासी पिंड कलसियां कलां तरनतारन के रूप में हुई है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि अपराधी चाहे जहां मर्जी छिपे हों, पुलिस ढूंढने में सक्षम है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्या का मास्टरमाइंड गैंगस्टर प्रभ दासूवाल है, जिसने पुरानी दुश्मनी के चलते योजनाबद्ध और टारगेटेड तरीके से वारदात को अंजाम दिया। प्रभ दासूवाल की सरपंच से पुरानी रंजिश थी और इससे पहले भी उस पर फायरिंग की जा चुकी थी। तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर दोनों शूटरों की पहचान कर रायपुर (छत्तीसगढ़) से गिरफ्तार किया गया। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार और पंजाब समेत कई राज्यों में ठिकाने बदलते रहे और फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे। अन्य 5 आरोपियों ने शूटरों को हथियार, बाइक, पनाह और लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराया था। खास बात यह रही कि शूटर और मददगार एक-दूसरे को बिल्कुल भी नहीं जानते थे और सभी प्रभ दासूवाल के निर्देशों पर अलग-अलग काम कर रहे थे। डीजीपी ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान के बाद अब पंजाब सरकार विदेशों में बैठे अपराधियों की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण पर फोकस कर संगठित अपराध के खिलाफ निर्णायक लड़ाई छेड़ने जा रही है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब में हिंसा और गोलीबारी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि तरनतारन के वल्टोहा संधवा के सरपंच जरमल सिंह की 4 जनवरी को उस वक्त हत्या कर दी गई थी जब वह अमृतसर में एक रिजॉर्ट में शादी समारोह में शामिल होने आए थे।


