12वीं राजपुताना राइफल्स (राजरिफ) के पूर्व सैनिकों ने इच्छामती दिवस मनाया। इस अवसर पर झुंझुनू में शहीद स्मारक स्थित शहीद बेदी पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। शहीदों के अदम्य साहस को नमन किया गया। श्रद्धांजलि सभा के बाद समुदाय भवन में शहीद वीरांगनाओं का सम्मान किया। मेजर जनरल प्रभु सिंह राठौड़ ने बताया कि 15 दिसंबर 1971 को 12वीं राजपुताना राइफल्स बटालियन ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐतिहासिक विजय हासिल की थी। इच्छामती नदी को को पार भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी सेना को न केवल हराया, बल्कि कई जवानों को बंदी भी बनाया था। इस वीरता और अद्वितीय योगदान के लिए राष्ट्रपति ने बटालियन को “इच्छामती पदक” से सम्मानित किया था। हर साल इस दिन को यादगार बनाने के लिए इच्छामती दिवस मनाया जाता है। आज के कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों ने बटालियन के गौरवशाली इतिहास को याद किया और शहीदों को पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। यह आयोजन देश के प्रति अपने दायित्व और शहीदों के बलिदान को नमन करने का प्रतीक है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि इच्छामती दिवस न केवल बटालियन की विजय गाथा है, बल्कि यह नई पीढ़ी को देशभक्ति और समर्पण का संदेश देने का अवसर भी है। यह आयोजन हर भारतीय को अपने देश के प्रति कर्तव्यनिष्ठा का एहसास कराता है। इस मौके पर मुख्य अतिथि -मेजर जनरल प्रभु सिंह राठौड़, लेफ्टिनेंट अमित सिंह, मेजर रणजीत सिंह, मेजर सुभाषचंद्र, ज्ञानचंद, विनोद काजला, शीशराम, हवलदार अनिल, भुपेंद्र,केशरी, सुबेदार नेमीचंद, श्याम सिंह, सुबेदार राधेश्याम मौजूद रहे। वीरांगनाओं का सम्मान रजनी देवी पत्नी हवलदार आनंद कमलेश पत्नी हवलदार बलवीर सिंह मनोज देवी पत्नी सुबेदार रामचंद्र कंचन देवी पत्नी राइफलमैन राजेश अंजू पुत्री राइफलमैन मानसिंह मंजू देवी पत्नी हवलदार कैलाशचंद्र भारती देवी पत्नी सुबेदार धर्मेश सांगवान अनिता देवी पत्नी राइफलमैन पवन कुमार गुलाब कंवर पत्नी राइफलमैन छगनसिंह सम्पत्ति देवी पत्नी सुबेदार करणसिंह कमला देवी पत्नी नायक हनुमान सिंह


