राज्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री के. के. विश्नोई ने ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कहा-‘वीबी-जी राम जी’ से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था बदलेगी। लोगों को 125 दिन गारंटेड रोजगार मिलेगा। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब AI और सैटेलाइट से निगरानी होगी। गांव आत्मनिर्भर होंगे और स्थायी संपत्तियों का निर्माण होगा। हर सप्ताह भुगतान होगा और रोजगार में देरी होने पर मुआवजा मिलेगा। प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बजट में जन-भागीदारी सुनिश्चित कर रही है। इसी उद्देश्य से सामाजिक संगठनों सहित विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से सीधे सुझाव लिए जा रहे हैं। राज्य सरकार जिले के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है। पिछले बजट की अधिकांश घोषणाओं का क्रियान्वयन धरातल पर शुरू हो चुका है। वीबी-जी राम जी एक ऐतिहासिक पहल प्रभारी मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025’ को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह कानून पुरानी मनरेगा योजना का परिष्कृत रूप है, जो उसकी कमियों को दूर करेगा। उन्होंने कहा- अब ग्रामीणों को साल में 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। इस योजना के तहत अब केवल कच्चे काम नहीं होंगे, बल्कि स्थायी संपत्तियों का भी निर्माण होगा, जिससे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे। योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शिता है, जिसमें एआई (AI), जियो-टैगिंग और सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से कार्यों की निगरानी होगी और हर छह महीने में डिजिटल सोशल ऑडिट अनिवार्य होगा। प्रभारी मंत्री ने कहा कि योजना में श्रमिकों के हितों का ध्यान रखते हुए साप्ताहिक भुगतान को अनिवार्य किया गया है और दो सप्ताह से अधिक की देरी होने पर स्वतः मुआवजे का कड़ा प्रावधान रखा गया है। बजट पूर्व हुआ संवाद, प्राप्त किए सुझाव प्रभारी मंत्री के. के. विश्नोई ने ग्रेनाइट उद्यमी, प्रगतिशील किसान, व्यापारी वर्ग, राजीविका समूह की महिलाएं, एनजीओ प्रतिनिधि, सरपंच संघ सहित विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ बजट पूर्व संवाद कर उनके सुझाव प्राप्त किए।


