अमृतसर| महिलाओं में तेजी से बढ़ते सर्वाइकल कैंसर को लेकर ईएमसी क्रेडल अमृतसर की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिया गुप्ता एवं डॉ. मोनिका महेश्वरी ने जागरूकता बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सही समय पर लक्षणों की पहचान और नियमित जांच से इस जानलेवा बीमारी को पूरी तरह रोका जा सकता है। डॉक्टरों ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण ‘ह्यूमन पैपिलोमा वायरस’ संक्रमण है। इसके शुरुआती संकेतों में शामिल हैं: असामान्य योनि से रक्तस्राव, मासिक धर्म के बीच या संभोग के बाद ब्लीडिंग होना। दुर्गंधयुक्त स्राव और पेल्विक क्षेत्र में लगातार दर्द। डॉ. प्रिया गुप्ता और डॉ. मोनिका ने कहा कि जांच ही बचाव की पहली सीढ़ी है। 21 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को बिना किसी लक्षण के भी नियमित अंतराल पर पैप स्मीयर और एचपीवा टेस्ट कराना चाहिए। इसके अलावा, एचपीवी वैक्सीनेशन इस कैंसर से सुरक्षा का एक प्रभावी और सुरक्षित माध्यम है, जो कम उम्र में अधिक असरदार होता है।


